1 जून से 4 रुपये प्रति किलो बढ़ेंगे दूध के दाम, अब इस राज्य में आम आदमी को लगा महंगाई का बड़ा झटका
ईरान के खिलाफ जारी अमेरिका और इजरायल का संघर्ष अब पूरी दुनिया के लिए संकट बन चुका है. भारत समेत कई देशों में ईंधन और रोजमर्रा की चीजों की कीमत आसमान छू रही है. बीते दिनों भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया, जिसके बाद अन्य समान भी महंगे हो गए.

ईरान के खिलाफ जारी अमेरिका और इजरायल का संघर्ष अब पूरी दुनिया के लिए संकट बन चुका है. भारत समेत कई देशों में ईंधन और रोजमर्रा की चीजों की कीमत आसमान छू रही है. बीते दिनों भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया, जिसके बाद अन्य समान भी महंगे हो गए.
इस राज्य में बढ़ेंगे दूध के दाम
2 / 7जी हां, केरल के सबसे बड़े दुग्ध सहकारी संगठन मिल्मा ने आम उपभोक्ताओं को महंगाई का नया झटका देते हुए दूध की कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है. यह नई दरें एक जून 2026 से पूरे राज्य में लागू हो जाएंगी.
सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव
3 / 7केरल सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (KCMMF) की निदेशक मंडल की बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया. मिल्मा के उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. 1 जून से राज्य भर के सभी मिल्मा दूध पैकेट्स की कीमत 4 रुपये बढ़ जाएगी. यह भी पढ़ें:
किसानों को फायदा
4 / 7मिल्मा के अध्यक्ष के. एस. मणि ने स्पष्ट किया कि यह संगठन मूल रूप से किसानों का है. इसलिए बढ़ी हुई कीमत का बड़ा हिस्सा सीधे डेयरी किसानों को ही ट्रांसफर किया जाएगा. पशुचारे और पशुपालन की बढ़ती लागत से जूझ रहे किसानों को अब कुछ राहत मिल सकेगी.
उत्पादन खर्च बढ़ने का कारण
5 / 7पिछले कुछ वर्षों में पशु आहार, चारे और अन्य इनपुट्स की कीमतों में काफी इजाफा हुआ है. इन परिस्थितियों में दूध उत्पादन बनाए रखना किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया था. कीमत वृद्धि के जरिए उत्पादन लागत को संतुलित करने का प्रयास किया जा रहा है. यह भी पढ़ें:
आम जनता पर असर
6 / 7दूध के दाम बढ़ने से न सिर्फ रोजाना की चाय-कॉफी महंगी होगी, बल्कि दही, पनीर, मिठाई और अन्य दुग्ध उत्पादों की कीमतें भी प्रभावित होंगी. मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए रसोई का मासिक खर्च बढ़ना तय है.
राज्य स्तर पर प्रभाव
7 / 7केरल में मिल्मा दूध की सबसे बड़ी और विश्वसनीय ब्रांड है, इसलिए इसकी कीमत वृद्धि का पूरे बाजार पर असर पड़ेगा. निजी डेयरियों को भी कीमत समायोजित करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है.