
1 / 8
LPG Cylinder Update: क्या आपको पता है कि हादसे की स्थिति में गैस कंपनियां आपको और आपके परिवार को बड़ा मुआवजा देने के लिए बाध्य हैं? लेकिन इस बीमा को पाने की कुछ कड़ी शर्तें भी हैं। बीमा पाने के लिए क्या करना होगा? वो 5 नियम कौन से हैं जो आपको जानना बेहद जरूरी हैं? देखिए हमारी खास फोटो गैलरी और खुद को सुरक्षित रखें!
किन हालातों में मिलता है क्लेम?

2 / 8
यह बीमा कवर तब लागू होता है जब एलपीजी सिलेंडर के कारण कोई दुर्घटना (धमाका या गैस रिसाव से आग) होती है। इसमें घर के सदस्यों की मृत्यु, शारीरिक चोट और संपत्ति के नुकसान—तीनों स्थितियों में मुआवजा मिलता है।
किसे कितना मिलेगा मुआवजे ?

3 / 8
नियमों के मुताबिक, हादसे में मृत्यु होने पर प्रति व्यक्ति ₹6 लाख का मुआवजा मिलता है। वहीं, घायल होने पर इलाज के लिए ₹2 लाख तक की सहायता दी जाती है। पूरी दुर्घटना के लिए कुल सामूहिक लायबिलिटी ₹50 लाख तक हो सकती है।
प्रॉपर्टी के नुकसान पर भी मिलता है पैसा

4 / 8
अगर सिलेंडर फटने से आपके घर या संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो बीमा पॉलिसी के तहत ₹2 लाख तक के क्लेम का प्रावधान है। इसके लिए सर्वेयर की रिपोर्ट और नुकसान का आंकलन जरूरी होता है।
क्लेम के लिए सबसे जरूरी शर्त

5 / 8
बीमा का लाभ तभी मिलेगा जब आप ISI मार्क वाले रेगुलेटर, लाइटर और पाइप का इस्तेमाल कर रहे हों। अगर दुर्घटना के समय आपके उपकरण लोकल या खराब पाए गए, तो बीमा कंपनी क्लेम खारिज कर सकती है।
हादसा होने पर तुरंत क्या करें?

6 / 8
दुर्घटना होने पर सबसे पहले अपनी गैस एजेंसी (Distributor) को लिखित में सूचना दें। वे इसकी जानकारी तेल कंपनी और इंश्योरेंस कंपनी को देंगे। याद रखें, क्लेम की प्रक्रिया ग्राहक को नहीं, बल्कि गैस एजेंसी को शुरू करनी होती है।
इन दस्तावेजों को रखें संभालकर

7 / 8
क्लेम पाने के लिए पुलिस में FIR दर्ज कराना अनिवार्य है। इसके अलावा, अस्पताल के ओरिजिनल बिल, मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट जैसे दस्तावेज तैयार रखें। तेल कंपनियां ये कागजात मिलने के बाद क्लेम सेटल करती हैं।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है!

8 / 8
हालांकि बीमा आपकी सुरक्षा के लिए है, लेकिन हमेशा गैस पाइप की समय पर जांच करें और खाना पकाने के बाद रेगुलेटर बंद करना न भूलें। सतर्क रहें और इस जानकारी को अपनों के साथ साझा करें ताकि वे भी अपने अधिकारों को जान सकें।