LPG Insurance Policy: गैस सिलेंडर फटने पर मिलता है 50,00000 तक का फ्री बीमा, जानें क्लेम करने का तरीका और जरूरी नियम
रसोई गैस कनेक्शन लेते ही आप अनजाने में एक बड़े बीमा के हकदार बन जाते हैं। देश की सभी प्रमुख गैस कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) अपने ग्राहकों को Rs 50 लाख तक का Personal Accident Cover मुफ्त देती हैं। इसके लिए आपको अलग से एक रुपया भी नहीं देना पड़ता।

LPG Cylinder Update: क्या आपको पता है कि हादसे की स्थिति में गैस कंपनियां आपको और आपके परिवार को बड़ा मुआवजा देने के लिए बाध्य हैं? लेकिन इस बीमा को पाने की कुछ कड़ी शर्तें भी हैं। बीमा पाने के लिए क्या करना होगा? वो 5 नियम कौन से हैं जो आपको जानना बेहद जरूरी हैं? देखिए हमारी खास फोटो गैलरी और खुद को सुरक्षित रखें!
किन हालातों में मिलता है क्लेम?
2 / 8यह बीमा कवर तब लागू होता है जब एलपीजी सिलेंडर के कारण कोई दुर्घटना (धमाका या गैस रिसाव से आग) होती है। इसमें घर के सदस्यों की मृत्यु, शारीरिक चोट और संपत्ति के नुकसान—तीनों स्थितियों में मुआवजा मिलता है।
किसे कितना मिलेगा मुआवजे ?
3 / 8नियमों के मुताबिक, हादसे में मृत्यु होने पर प्रति व्यक्ति ₹6 लाख का मुआवजा मिलता है। वहीं, घायल होने पर इलाज के लिए ₹2 लाख तक की सहायता दी जाती है। पूरी दुर्घटना के लिए कुल सामूहिक लायबिलिटी ₹50 लाख तक हो सकती है।
प्रॉपर्टी के नुकसान पर भी मिलता है पैसा
4 / 8अगर सिलेंडर फटने से आपके घर या संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो बीमा पॉलिसी के तहत ₹2 लाख तक के क्लेम का प्रावधान है। इसके लिए सर्वेयर की रिपोर्ट और नुकसान का आंकलन जरूरी होता है।
क्लेम के लिए सबसे जरूरी शर्त
5 / 8बीमा का लाभ तभी मिलेगा जब आप ISI मार्क वाले रेगुलेटर, लाइटर और पाइप का इस्तेमाल कर रहे हों। अगर दुर्घटना के समय आपके उपकरण लोकल या खराब पाए गए, तो बीमा कंपनी क्लेम खारिज कर सकती है।
हादसा होने पर तुरंत क्या करें?
6 / 8दुर्घटना होने पर सबसे पहले अपनी गैस एजेंसी (Distributor) को लिखित में सूचना दें। वे इसकी जानकारी तेल कंपनी और इंश्योरेंस कंपनी को देंगे। याद रखें, क्लेम की प्रक्रिया ग्राहक को नहीं, बल्कि गैस एजेंसी को शुरू करनी होती है।
इन दस्तावेजों को रखें संभालकर
7 / 8क्लेम पाने के लिए पुलिस में FIR दर्ज कराना अनिवार्य है। इसके अलावा, अस्पताल के ओरिजिनल बिल, मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो) और पोस्ट-मार्टम रिपोर्ट जैसे दस्तावेज तैयार रखें। तेल कंपनियां ये कागजात मिलने के बाद क्लेम सेटल करती हैं।
सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है!
8 / 8हालांकि बीमा आपकी सुरक्षा के लिए है, लेकिन हमेशा गैस पाइप की समय पर जांच करें और खाना पकाने के बाद रेगुलेटर बंद करना न भूलें। सतर्क रहें और इस जानकारी को अपनों के साथ साझा करें ताकि वे भी अपने अधिकारों को जान सकें।



















