Gold Silver Rates crash: सोने-चांदी के दाम क्यों हुए धड़ाम? 7 माह के निचले स्तर पर गोल्ड
MCX Gold Silver Rates crash: भारतीय वायदा बाजार में बुधवार, 24 जून को सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट देखने को मिली. एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में 1.21 प्रतिशत की कमी आई और यह 1,44,759 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इसी तरह, सिल्वर फ्यूचर्स में भी 0.71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. फेड की सख्त नीति की उम्मीदों के चलते सोना सात महीने के निचले स्तर पर आ गया है. इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर की बढ़ती मजबूती है, जो एक साल के हाई पर पहुंच गया है.

MCX Gold Silver Rates crash: सोने की कीमतों में लगातार गिरावट को देखते निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है. फेड की ब्याज दर नीति और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आंकड़ों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा. एमसीएक्स पर गोल्ड को 1,45,200 रुपये और 1,44,000 रुपये पर सपोर्ट तथा 1,47,200 रुपये और 1,48,100 रुपये पर रेजिस्टेंस है. चांदी के लिए सपोर्ट 2,21,000 रुपये और 2,16,600 रुपये तथा रेजिस्टेंस 2,28,800 रुपये और 2,31,200 रुपये पर है. डॉलर इंडेक्स 101.52 के स्तर पर पहुंच गया है, जो पिछले एक साल में अपना सबसे ऊंचा स्तर है. इसका सीधा असर यह हुआ कि अमेरिकी डॉलर में कारोबार होने वाला सोना अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए महंगा हो गया है.
डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर से ऊपर
2 / 7लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, 17 जून से ही डॉलर इंडेक्स 100 के स्तर से ऊपर बना है, क्योंकि बाजार को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है. एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, फिलहाल सोने में गिरावट का रुख बना हुआ है और निवेशकों को कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले बाजार के संकेतों को समझना चाहिए.
आखिर क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव?
3 / 7इंडसइंड सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक जिगर त्रिवेदी के अनुसार, फेड की सख्त नीति की उम्मीदों के चलते सोना सात महीने के निचले स्तर पर आ गया है. अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में तेज गिरावट के कारण निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो में अन्य नुकसान की भरपाई के लिए सोने की बिक्री भी बढ़ा दी है.
फेड के लेटेस्ट अनुमान अधिक सख्त
4 / 7मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य शोध अधिकारी रवि सिंह ने कहा फेड के लेटेस्ट अनुमान बाजार की उम्मीदों से अधिक सख्त हैं. अमेरिका और ईरान की सहमति से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन यह राहत फेड की बढ़ती उम्मीदों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों के सामने फीकी पड़ गई है.
एमसीएक्स गोल्ड के लिए अहम स्तर
5 / 7रवि सिंह के अनुसार, जब तक कीमतें 1,51,000 से 1,53,000 रुपये के रेजिस्टेंस जोन से नीचे रहेंगी, तब तक सोने में गिरावट का रुझान बना रहेगा. अगर कीमतें 1,45,500 रुपये के स्तर से नीचे जाती हैं तो बिकवाली और बढ़ सकती है और सोना 1,40,000 रुपये के स्तर तक जा सकता है.
गोल्ड और सिल्वर : सपोर्ट-रेजिस्टेंस
6 / 7पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के मनोज कुमार जैन के अनुसार, गोल्ड को 4,089 डॉलर और 4,040 डॉलर पर सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 4,185 डॉलर और 4,220 डॉलर पर रेजिस्टेंस है. चांदी को 60 डॉलर और 58.40 डॉलर पर सपोर्ट तथा 63.60 डॉलर और 65.20 डॉलर पर रेजिस्टेंस है.
मौद्रिक नीति से बाजार को उम्मीद
7 / 7समाचार एजेंसी रायटर्स के अनुसार, सीएमई फेडवॉच टूल से पता चलता है कि इस साल अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है. अब बाजार की नजर गुरुवार को आने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर आंकड़ों पर है, जो फेड की मौद्रिक नीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.