Credit Card Rules: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे क्रेडिट कार्ड के नियम? यूजर्स पर क्या होगा असर PG
आज के समय में क्रेडिट कार्ड एटीएम कार्ड जैसा हो गया है। मतलब लगभग हर हाथ में आपको क्रेडिट कार्ड देखने को मिल जाएगा। ई-कॉमर्स कंपनियों और ईएमआई में भारी छूट के चलते क्रेडिट कार्ड यूजर्स की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। 1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड के नियम बदल सकते हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

बड़े पेमेंट्स की रिपोर्टिंग अनिवार्य
2 / 5नए नियमों के अनुसार, अगर किसी का क्रेडिट कार्ड बिल एक वित्त वर्ष में 10 लाख रुपये से अधिक है। भुगतान नकद के अलावा किसी भी माध्यम से किया गया है, तो बैंक या कार्ड कंपनी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सूचित करना होगा। यदि एक लाख रुपये या इससे अधिक का क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान कैश में किया जाता है, तो इसकी भी रिपोर्टिंग की जाएगी
पैन कार्ड अनिवार्य
3 / 5क्रेडिट कार्ड के लिए अब पैन नंबर देना जरूरी होगा। बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट बिना पैन के क्रेडिट कार्ड जारी नहीं करेंगे। इससे फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन की निगरानी आसान होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।
क्रेडिट कार्ड से भर सकेंगे इनकम टैक्स
4 / 5नए नियमों के अनुसार, आयकर भुगतान के लिए डिजिटल मीडियम्स को मान्यता दी जाएगी। अब क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग से टैक्स जमा करना आसान होगा। टैक्सपेयर्स को अधिक पेमेंट ऑप्शन मिलेंगे, लेकिन बैंक चार्जेज़ या कन्विनिएंस फीस देनी पड़ सकती है।
कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड
5 / 5कंपनी अगर क्रेडिट कार्ड का बिल या मेंबरशिप फीस भरती है, तो इसे परक्विजिट माना जाएगा। कर्मचारी को इस सुविधा पर टैक्स देना पड़ सकता है। लेकिन अगर खर्च आधिकारिक कार्य से जुड़ा है और कंपनी के पास रिकॉर्ड है, तो टैक्स नहीं लगेगा।
