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ब्रेस्ट कैंसर का कोई एक निश्चित कारण नहीं होता. यह मुख्य रूप से कोशिकाओं (cells) के DNA में बदलाव (mutation) के कारण होता है, जो अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं. लेकिन यह बदलाव क्यों होता है, इसके पीछे कुछ प्रमुख रिस्क फैक्टर्स होते हैं.

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यह क्यों होता है? : ब्रेस्ट कैंसर का मतलब है ब्रेस्ट की कोशिकाओं का असामान्य रूप से बढ़ना. हालांकि इसके पीछे एक ठोस कारण बताना मुश्किल है, लेकिन कुछ रिस्क फैक्टर्स हैं जो इसे ट्रिगर कर सकते हैं. आइए जानते हैं क्या हैं ये प्रमुख वजहें.

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अनुवांशिकता : अगर परिवार में किसी को जैसे मां, बहन या बेटी को ब्रेस्ट कैंसर हुआ है, तो जोखिम बढ़ जाता है. BRCA1 और BRCA2 जैसे जीन म्यूटेशन इसका बड़ा कारण होते हैं. इसका मतलब कैंसर होना नहीं, बल्कि सावधानी बरतना जरूरी है.

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उम्र और हार्मोनल बदलाव: उम्र बढ़ने के साथ जोखिम बढ़ना स्वाभाविक है. इसके अलावा, महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन के लंबे समय तक संपर्क में रहने से भी खतरा बढ़ता है, जैसे बहुत कम उम्र में पीरियड्स शुरू होना या देर से मेनोपॉज (Menopause) होना.

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लाइफस्टाइल (जीने का तरीका): अनहेल्दी जीवनशैली भी एक बड़ा कारण है. अत्यधिक शराब का सेवन, मोटापा, शारीरिक सक्रियता की कमी (एक्सरसाइज न करना) और स्मोकिंग ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं.

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प्रजनन इतिहास : जो महिलाएं कभी गर्भवती नहीं हुईं या जिन्होंने अधिक उम्र में (30 के बाद) बच्चे को जन्म दिया, उनमें जोखिम थोड़ा अधिक देखा गया है. वहीं, स्तनपान (Breastfeeding) कराना कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करता है.

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पर्यावरण और रेडिएशन : अगर पहले कभी छाती के किसी हिस्से में रेडिएशन थेरेपी कराई हो, तो भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम हो सकता है. पर्यावरण में मौजूद कुछ केमिकल भी हार्मोन को प्रभावित कर सकते हैं.

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सतर्कता ही बचाव है: याद रखें, इनमें से एक भी कारण होने का मतलब कैंसर नहीं है. रेगुलर सेल्फ-एग्जामिनेशन और मैमोग्राफी सबसे बड़े हथियार हैं. अगर आप कोई भी गांठ, त्वचा में बदलाव या दर्द महसूस करें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें.