सुबह पेट्रोल भरवाने से क्या मिलता है ज्यादा तेल, कितना सच है ये सालों पुराना दावा?

क्या सुबह-सुबह पेट्रोल भरवाने से सच में ज्यादा फ्यूल मिलता है? सालों से चली आ रही इस थ्योरी की सच्चाई सामने आ गई है. जानिए क्या समय देखकर पेट्रोल भरवाना फायदे का सौदा है या सिर्फ एक बड़ा भ्रम. आइए जानते हैं.

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पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच अक्सर लोग सलाह देते हैं कि गाड़ी में तेल सुबह जल्दी या रात के समय भरवाना चाहिए. इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि ठंडे मौसम में फ्यूल ज्यादा घना होता है, इसलिए समान कीमत में ज्यादा पेट्रोल मिल जाता है. लेकिन क्या यह दावा सच है या सिर्फ एक मिथक?

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क्या ठंडे मौसम में पेट्रोल ज्यादा मिलता है?

क्या ठंडे मौसम में पेट्रोल ज्यादा मिलता है?2 / 8

इस थ्योरी के अनुसार पेट्रोल एक तरल पदार्थ है, जो गर्मी में फैलता और ठंड में सिकुड़ता है. सुबह के समय तापमान कम होने की वजह से लोगों का मानना है कि पेट्रोल ज्यादा डेंस होता है और एक ही कीमत में ज्यादा मात्रा मिल सकती है. हालांकि यह बात सुनने में तार्किक लगती है, लेकिन वास्तविकता कुछ और है.

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जमीन के नीचे स्टोर होता है फ्यूल

जमीन के नीचे स्टोर होता है फ्यूल3 / 8

कंज्यूमर रिपोर्ट्स की टेस्टिंग के अनुसार बाहर का तापमान चाहे कितना भी बदल जाए, जमीन के नीचे मौजूद फ्यूल का तापमान लगभग स्थिर रहता है. पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल बड़े अंडरग्राउंड टैंकों में स्टोर किए जाते हैं. इसलिए सुबह और दोपहर में निकलने वाले फ्यूल के तापमान में खास अंतर नहीं होता. ये भी पढ़ें- Maruti WagonR Flex Fuel Price: देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल हैचबैक की कीमत आई सामने, जानिए क्या है खास

सुबह और रात में भरवाने से नहीं होता फायदा

सुबह और रात में भरवाने से नहीं होता फायदा4 / 8

अगर आप सुबह 8 बजे पेट्रोल भरवाते हैं या रात 10 बजे, तो आपकी गाड़ी में जाने वाले फ्यूल की मात्रा और घनत्व लगभग समान ही रहता है. फ्यूल रिटेलर्स के अध्ययन बताते हैं कि पूरे दिन में अंडरग्राउंड टैंकों के तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस से भी कम बदलाव आता है, जिसका फ्यूल की मात्रा पर कोई खास असर नहीं पड़ता. ये भी पढ़ें- E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो क्या मिलेगा इंश्योरेंस क्लेम? इंश्योरेंस कंपनी ने बता दिया सच

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फ्यूल की डेंसिटी पहले से तय होती है

फ्यूल की डेंसिटी पहले से तय होती है5 / 8

भारत में पेट्रोल और डीजल की डेंसिटी के लिए निर्धारित मानक मौजूद हैं. किसी भी समय फ्यूल भरवाने पर आपको वही गुणवत्ता और घनत्व मिलेगा जो नियमों के तहत तय किया गया है. तापमान का असर जरूर होता है, लेकिन उसे नियंत्रित किया जाता है.

समय नहीं, कीमत पर रखें नजर

समय नहीं, कीमत पर रखें नजर6 / 8

कई शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोज अपडेट होती हैं. रोजाना 1 या 2 रुपये का बदलाव भी लंबे समय में असर डाल सकता है, खासकर उन लोगों पर जो रोज ज्यादा दूरी तय करते हैं. ऐसे में सुबह जल्दी जाकर पेट्रोल भरवाने से ज्यादा फायदा कीमतों पर नजर रखने से हो सकता है.

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टैंक को पूरी तरह खाली न होने दें

टैंक को पूरी तरह खाली न होने दें7 / 8

विशेषज्ञों के अनुसार गाड़ी को तब तक नहीं चलाना चाहिए जब तक टैंक लगभग खाली न हो जाए. इससे फ्यूल सिस्टम पर दबाव बढ़ सकता है और टैंक के नीचे जमा गंदगी फिल्टर तक पहुंच सकती है. बेहतर होगा कि फ्यूल इंडिकेटर एक-चौथाई पर पहुंचते ही पेट्रोल या डीजल भरवा लिया जाए.

फ्यूल बचाने का असली तरीका क्या है?

फ्यूल बचाने का असली तरीका क्या है?8 / 8

फ्यूल बचत का सबसे प्रभावी तरीका सही ड्राइविंग आदतें अपनाना है. टायरों में सही हवा रखें, बार-बार अचानक ब्रेक और एक्सीलेरेटर का इस्तेमाल करने से बचें और गाड़ी को एक समान स्पीड पर चलाने की कोशिश करें. यही तरीके वास्तव में आपकी फ्यूल लागत कम करने में मदद करेंगे.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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