क्या E20 पेट्रोल में लगती हैं चीटियां? कितना सच है ये दावा, BPCL ने दे दिया जवाब

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कारों के फ्यूल कैप के आसपास चींटियां जमा होने लगी हैं. इस मामले पर BPCL ने सामने आकर वैज्ञानिक तथ्यों के साथ जवाब दिया है. जानिए वायरल दावे की पूरी सच्चाई.

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हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले वाहनों के फ्यूल कैप के आसपास चींटियां जमा हो रही हैं. इस वीडियो ने कई वाहन मालिकों के बीच भ्रम और चिंता पैदा कर दी.

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E100 को मंजूरी मिलने के बाद बढ़ी चर्चा

E100 को मंजूरी मिलने के बाद बढ़ी चर्चा2 / 9

E100 फ्यूल को कानूनी मंजूरी मिलने के बाद इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. इसी दौरान E20 पेट्रोल को लेकर भी कई दावे सामने आए, जिनमें से एक चींटियों से जुड़ा था. वायरल वीडियो में कहा गया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने वाली कारों के फ्यूल फिलर कैप के आसपास चींटियां दिखाई दे रही हैं. कुछ लोगों का मानना था कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि इथेनॉल का उत्पादन गन्ने से किया जाता है.

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लोगों के बीच बढ़ने लगा भ्रम

लोगों के बीच बढ़ने लगा भ्रम3 / 9

वीडियो वायरल होने के बाद कई वाहन मालिकों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए. कुछ लोगों ने यह मान लिया कि इथेनॉल में मौजूद तत्व चींटियों को आकर्षित कर सकते हैं और यही वजह है कि वे फ्यूल कैप के आसपास दिखाई देती हैं. ये भी पढ़ें- बाइक के शॉकर कितने साल चलते हैं, कब बदलने चाहिए और कितना आता है खर्च? जानिए सबकुछ

BPCL ने दावों को बताया गलत

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इन दावों पर भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच संबंध होने की बात पूरी तरह गलत है. कंपनी के मुताबिक ऐसे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. BPCL के अनुसार, पेट्रोल में मिलाया जाने वाला फ्यूल-ग्रेड इथेनॉल विशेष औद्योगिक प्रक्रिया के जरिए तैयार किया जाता है. इसके निर्माण में फर्मेंटेशन और डिस्टिलेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. (Image Credit-BPCLimited/X)

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इथेनॉल में नहीं बचती कोई शर्करा

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कंपनी ने स्पष्ट किया कि फ्यूल-ग्रेड इथेनॉल तैयार होने के बाद उसमें किसी भी प्रकार की शर्करा या चीनी मौजूद नहीं रहती. इसलिए इसे चींटियों को आकर्षित करने वाला पदार्थ मानना गलत है. ये भी पढ़ें- सुबह पेट्रोल भरवाने से क्या मिलता है ज्यादा तेल, कितना सच है ये सालों पुराना दावा?

कीड़ों को दूर रखने वाले तत्व भी मिलाए जाते हैं

कीड़ों को दूर रखने वाले तत्व भी मिलाए जाते हैं6 / 9

BPCL के मुताबिक फ्यूल इथेनॉल में डिनैचुरेंट्स मिलाए जाते हैं. इनका काम कीट-पतंगों और अन्य जीवों को दूर रखना होता है. ऐसे में इथेनॉल में ऐसा कोई तत्व नहीं होता जो चींटियों को आकर्षित करे. कंपनी ने बताया कि जब इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाया जाता है, तब भी पेट्रोल की हाइड्रोकार्बन आधारित गंध प्रमुख रूप से बनी रहती है. इथेनॉल की अलग गंध इतनी प्रभावी नहीं होती कि वह चींटियों या अन्य कीड़ों को आकर्षित कर सके.

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E20 में कम बनता है फ्यूल वेपर

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BPCL ने यह भी कहा कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल में पारंपरिक पेट्रोल की तुलना में ईंधन वाष्प यानी फ्यूल वेपर कम बनता है. इसलिए भी ऐसा कोई कारण नहीं है जिससे चींटियां फ्यूल कैप के आसपास जमा हों.

क्या कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद है?

क्या कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद है?8 / 9

कंपनी के अनुसार E20 पेट्रोल और चींटियों के बीच किसी तरह का संबंध साबित करने वाला कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है. अब तक ऐसा कोई अध्ययन या तथ्य सामने नहीं आया है जो इस दावे को सही साबित करे.

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सोशल मीडिया दावों पर आंख बंद करके भरोसा न करें

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BPCL ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे दावों पर बिना जांच-पड़ताल भरोसा न करें. कंपनी का कहना है कि E20 पेट्रोल को लेकर फैलाया जा रहा यह दावा पूरी तरह निराधार है और इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. (Images Credit-AI)  

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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