जेब में लाइसेंस होने पर भी कट सकता है आपका भारी चालान! जानिए नया नियम

क्या आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस है और आपको लगता है कि अब कोई चालान नहीं कट सकता? तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. नए मोटर व्हीकल एक्ट में कुछ ऐसे नियम हैं, जिनकी अनदेखी करने पर वैध लाइसेंस होने के बावजूद भी हजारों रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है.

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अगर आप रोजाना कार या बाइक चलाते हैं, तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत बनाए गए सभी नियमों का पालन करना जरूरी है. सड़क पर वाहन चलाने के लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है. हालांकि, कई लोग यह मान लेते हैं कि जेब में ओरिजिनल लाइसेंस होने से उनका चालान नहीं कट सकता. लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है.

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लाइसेंस होने के बाद भी कट सकता है चालान

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नए मोटर व्हीकल एक्ट में कई ऐसे नियम शामिल हैं, जिनकी जानकारी न होने पर वैध ड्राइविंग लाइसेंस होने के बावजूद भी हजारों रुपये का चालान भरना पड़ सकता है. इसलिए केवल लाइसेंस साथ रखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उससे जुड़े नियमों को जानना और उनका पालन करना भी जरूरी है.

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लाइसेंस की सही कैटेगरी होना जरूरी

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ड्राइविंग लाइसेंस का मतलब यह नहीं है कि आप किसी भी तरह का वाहन चला सकते हैं. उदाहरण के लिए, यदि आपके पास केवल मोटरसाइकिल चलाने का लाइसेंस है और आप कार चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो इसे बिना वैध लाइसेंस के वाहन चलाने की श्रेणी में माना जाएगा और आपका चालान कट सकता है. ये भी पढ़ें- 25% थी बैटरी, फिर अचानक 5% कैसे हो गई? ये गलतियों होती है इसके पीछे की वजह

प्राइवेट लाइसेंस से कमर्शियल वाहन चलाना पड़ेगा भारी

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अगर आपका ड्राइविंग लाइसेंस सिर्फ निजी (प्राइवेट) वाहन चलाने के लिए जारी किया गया है और आप उसी लाइसेंस पर टैक्सी या कोई अन्य कमर्शियल वाहन चला रहे हैं, तो यह गंभीर कानूनी उल्लंघन माना जाता है. ऐसी स्थिति में ट्रैफिक पुलिस न केवल भारी जुर्माना लगा सकती है, बल्कि जरूरत पड़ने पर वाहन को सीज भी कर सकती है. ये भी पढ़ें- आखिर ऊंची-ऊंची बिल्डिंग्स के टॉप फ्लोर पर ही क्यों फटता है AC? जान लें ये 4 कारण

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मेडिकल कंडीशन भी बन सकती है चालान की वजह

मेडिकल कंडीशन भी बन सकती है चालान की वजह5 / 6

ड्राइविंग लाइसेंस पर दर्ज मेडिकल शर्तों का पालन करना भी जरूरी होता है. यदि लाइसेंस बनवाते समय आपकी आंखों की कमजोरी के कारण चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस पहनना अनिवार्य दर्ज किया गया है, तो वाहन चलाते समय उनका इस्तेमाल करना भी जरूरी होगा.

बिना चश्मे के ड्राइविंग करना पड़ सकता है महंगा

बिना चश्मे के ड्राइविंग करना पड़ सकता है महंगा6 / 6

यदि ट्रैफिक पुलिस ऐसे व्यक्ति को बिना चश्मे या कॉन्टैक्ट लेंस के वाहन चलाते हुए पकड़ती है, जबकि लाइसेंस पर इसकी शर्त दर्ज है, तो लाइसेंस को अमान्य माना जा सकता है और चालान भी काटा जा सकता है. इसी तरह यदि कोई व्यक्ति शारीरिक रूप से फिट नहीं है या डॉक्टर द्वारा वाहन न चलाने की सलाह के बावजूद ड्राइविंग करता है, तो उसे भी भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी सभी शर्तों का पालन करना बेहद जरूरी है. (Images Credit-AI)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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