कार सर्विसिंग में क्या बदलना जरूरी है? जानिए पूरी चेकलिस्ट

क्या आप भी कार सर्विसिंग के बाद निश्चिंत हो जाते हैं? अगर हां, तो यह गलती आपको भारी पड़ सकती है. कई बार सर्विस के नाम पर जरूरी पार्ट्स नहीं बदले जाते, जबकि कुछ ऐसी चीजों का पैसा वसूला जाता है जिनकी जरूरत ही नहीं होती. जानिए सर्विसिंग के दौरान किन 7-8 बातों का ध्यान रखकर आप हजारों रुपये बचा सकते हैं और अपनी कार को लंबे समय तक फिट रख सकते हैं.

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अक्सर लोग कार की सर्विसिंग करवाने के बाद निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में गाड़ी फिर परेशानी देने लगती है. इसकी बड़ी वजह यह होती है कि सर्विस के दौरान किन पार्ट्स को चेक या बदलना जरूरी है, इसकी जानकारी ज्यादातर लोगों को नहीं होती. ऐसे में जरूरी है कि आप कुछ अहम चीजों पर खुद भी नजर रखें.

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 इंजन ऑयल और ऑयल फिल्टर जरूर बदलवाएं

 इंजन ऑयल और ऑयल फिल्टर जरूर बदलवाएं2 / 8

इंजन ऑयल कार के इंजन को स्मूद चलाने और उसके पार्ट्स को घिसने से बचाने का काम करता है. आमतौर पर हर 5,000 से 10,000 किलोमीटर या हर 6 महीने में इंजन ऑयल बदलवाने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ऑयल फिल्टर भी बदलवाना चाहिए, क्योंकि पुराना फिल्टर नए ऑयल को भी जल्दी खराब कर सकता है.

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एयर फिल्टर और ब्रेक सिस्टम की जांच न भूलें

एयर फिल्टर और ब्रेक सिस्टम की जांच न भूलें3 / 8

एयर फिल्टर इंजन तक पहुंचने वाली हवा को साफ करता है. यदि यह जाम हो जाए तो माइलेज कम हो सकता है और इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसे हर 15,000 से 20,000 किलोमीटर पर चेक कराना चाहिए. वहीं ब्रेक पैड्स की मोटाई और ब्रेक ऑयल का स्तर भी जांचना जरूरी है. ब्रेक लगाते समय आवाज आना या गाड़ी का देर से रुकना खतरे का संकेत हो सकता है. ये भी पढ़ें- क्या E20 पेट्रोल में लगती हैं चीटियां? कितना सच है ये दावा, BPCL ने दे दिया जवाब

टायरों की सही स्थिति बनाए रखती है सुरक्षा

टायरों की सही स्थिति बनाए रखती है सुरक्षा4 / 8

सर्विसिंग के दौरान टायर प्रेशर, घिसावट, कट या दरार जैसी चीजों की जांच जरूर करानी चाहिए. साथ ही टायर रोटेशन करवाना भी जरूरी है, जिससे सभी टायर समान रूप से घिसते हैं और उनकी उम्र बढ़ती है. सही टायर प्रेशर माइलेज बेहतर रखने में भी मदद करता है.

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कूलेंट और बैटरी की हालत पर रखें नजर

कूलेंट और बैटरी की हालत पर रखें नजर5 / 8

इंजन को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए कूलेंट का सही स्तर और उसकी गुणवत्ता बेहद जरूरी है. खासकर गर्मियों में इसकी जांच जरूर करानी चाहिए. इसके अलावा बैटरी टर्मिनल साफ हैं या नहीं और बैटरी कमजोर तो नहीं हो रही, यह भी चेक करना जरूरी है. खराब बैटरी कभी भी गाड़ी बंद कर सकती है. ये भी पढ़ें- बाइक के शॉकर कितने साल चलते हैं, कब बदलने चाहिए और कितना आता है खर्च? जानिए सबकुछ

 स्पार्क प्लग और वाइपर ब्लेड भी हैं जरूरी

 स्पार्क प्लग और वाइपर ब्लेड भी हैं जरूरी6 / 8

स्पार्क प्लग इंजन स्टार्ट करने में अहम भूमिका निभाता है. इसके खराब होने पर माइलेज घट सकता है और इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है. आमतौर पर हर 30,000 से 40,000 किलोमीटर पर इसे बदलवाना चाहिए. वहीं वाइपर ब्लेड की खराब स्थिति बारिश में विजिबिलिटी कम कर सकती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है.

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मैकेनिक की हर बात पर आंख बंद करके भरोसा न करें

मैकेनिक की हर बात पर आंख बंद करके भरोसा न करें7 / 8

कई बार ऐसी चीजें बदलने की सलाह दी जाती है जिनकी वास्तव में जरूरत नहीं होती. वहीं कुछ मामलों में सर्विस का पूरा पैसा लेने के बावजूद काम सही तरीके से नहीं किया जाता. इसलिए सर्विसिंग से पहले जरूरी जानकारी रखना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है.

ये छोटी सावधानियां बचा सकती हैं हजारों रुपये

ये छोटी सावधानियां बचा सकती हैं हजारों रुपये8 / 8

सर्विसिंग के बाद पुराने पार्ट्स वापस मांगें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उन्हें वास्तव में बदला गया है. हमेशा पूरा बिल लें और उसमें दर्ज सभी चार्ज को ध्यान से पढ़ें. अगर किसी ऐसे काम का पैसा जोड़ा गया है जो कराया ही नहीं गया, तो उसका भुगतान न करें. थोड़ी सी जागरूकता आपकी कार को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रख सकती है और अनावश्यक खर्च से भी बचा सकती है. (Image Credit-unsplash)  

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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