कार की बढ़ेगी लाइफ! जानें कब बदलना चाहिए इंजन ऑयल, गियर ऑयल और एयर फिल्टर, कौन-सा होता है सही टाइम?
क्या आप भी हर सर्विस पर कार के पार्ट्स बदलवाकर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं? जानिए इंजन ऑयल, एयर फिल्टर, ब्रेक पैड्स और गियर ऑयल कब बदलना चाहिए, ताकि आपकी कार भी फिट रहे और जेब पर भी बोझ न पड़े.

कार की अच्छी परफॉर्मेंस और लंबी उम्र के लिए नियमित देखभाल जरूरी है. लेकिन कई बार लोग बिना जरूरत के पार्ट्स बदलवाकर अतिरिक्त खर्च कर देते हैं. अगर आपको सही इंटरवल की जानकारी हो, तो मेंटेनेंस का खर्च काफी हद तक कम किया जा सकता है.
इंजन ऑयल कब बदलना चाहिए?
2 / 7इंजन ऑयल कार के इंजन को स्मूद चलाने और उसे ठंडा रखने का काम करता है. सामान्य मिनरल ऑयल को करीब 8,000 से 10,000 किलोमीटर या 6 महीने के भीतर बदलना बेहतर माना जाता है. वहीं सिंथेटिक ऑयल लगभग 10,000 से 12,000 किलोमीटर या एक साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है. ऑयल बदलते समय पुराना ऑयल पूरी तरह निकालना जरूरी होता है.
एयर फिल्टर कब बदलाना चाहिए?
3 / 7एयर फिल्टर इंजन तक साफ हवा पहुंचाने का काम करता है. अगर आप धूलभरे या ज्यादा प्रदूषण वाले इलाके में ड्राइव करते हैं, तो इसे हर 6 महीने में बदलना बेहतर रहेगा. वहीं साफ वातावरण में यह एक साल तक भी चल सकता है. गंदा एयर फिल्टर माइलेज और इंजन की क्षमता दोनों पर असर डालता है. ये भी पढ़ें- पेट्रोल से 20 रुपये सस्ता तेल हर गाड़ी के लिए नहीं, जानें किस बाइक या कार में नहीं पड़ सकता E85 फ्यूल?
टायर रोटेशन क्यों है जरूरी?
4 / 7टायर रोटेशन के दौरान आगे और पीछे के टायरों की पोजिशन बदली जाती है ताकि सभी टायर बराबर घिसें. यह प्रक्रिया लगभग हर 8,000 से 10,000 किलोमीटर पर करानी चाहिए. इससे टायरों की लाइफ बढ़ती है और सड़क पर बेहतर ग्रिप भी मिलती है. ये भी पढ़ें- EV खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले, Tata दे रही 3.35 लाख तक का बंपर डिस्काउंट, इन कारों पर मिल रही छूट
गियर ऑयल को बार-बार बदलने की जरूरत नहीं
5 / 7गियर ऑयल उन पार्ट्स में शामिल है जिन्हें जल्दी बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ती. सामान्य तौर पर इसे 50,000 से 60,000 किलोमीटर या करीब 4 से 5 साल तक बिना किसी समस्या के इस्तेमाल किया जा सकता है.
ब्रेक पैड्स की जांच समय पर कराएं
6 / 7ब्रेक पैड्स वाहन की सुरक्षा से सीधे जुड़े होते हैं. शहर में ज्यादा ड्राइविंग करने पर ये अपेक्षाकृत जल्दी घिस सकते हैं. इन्हें लगभग 10,000 से 20,000 किलोमीटर के बीच चेक कराना चाहिए और जरूरत पड़ने पर बदल देना चाहिए.
कूलेंट और स्पार्क प्लग भी रखें ध्यान में
7 / 7कूलेंट और स्पार्क प्लग जैसे पार्ट्स की लाइफ आमतौर पर काफी लंबी होती है. इन्हें लगभग 30,000 से 40,000 किलोमीटर के बाद बदलना सही माना जाता है. समय पर इनकी जांच और रिप्लेसमेंट से कार की परफॉर्मेंस बेहतर बनी रहती है. (Images Credit-Freepik)



















