बाइक रिजर्व पर आने के बाद कितने KM चल सकती है, इंजन पर कितना पड़ता है असर?

क्या आपकी बाइक रिजर्व पर आने के बाद भी काफी दूर तक चल सकती है? ज्यादातर राइडर्स को यह नहीं पता कि रिजर्व में आखिर कितना पेट्रोल बचता है और बार-बार रिजर्व में बाइक चलाने से क्या नुकसान हो सकता है. जानिए रिजर्व फ्यूल से जुड़े ऐसे तथ्य जो हर बाइक मालिक को पता होने चाहिए.

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बाइक चलाते समय जब फ्यूल रिजर्व पर पहुंच जाता है, तो यह संकेत होता है कि टैंक में पेट्रोल कम बचा है और जल्द ही रीफ्यूलिंग की जरूरत पड़ सकती है. कई लोग इसे अलग टैंक समझते हैं, जबकि ऐसा नहीं है. मोटरसाइकिल में रिजर्व फ्यूल के लिए अलग टैंक नहीं दिया जाता. यह उसी मुख्य फ्यूल टैंक का एक हिस्सा होता है, जिसे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाता है.

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रिजर्व फ्यूल की मात्रा कितनी होती है?

रिजर्व फ्यूल की मात्रा कितनी होती है?2 / 9

रिजर्व में मौजूद पेट्रोल की मात्रा बाइक के मॉडल और उसकी कुल फ्यूल टैंक क्षमता पर निर्भर करती है. आमतौर पर यह 1 लीटर से 2.5 लीटर तक हो सकती है. रिजर्व फ्यूल का मकसद राइडर को इतना समय देना होता है कि वह आराम से नजदीकी पेट्रोल पंप तक पहुंच सके. इसे इमरजेंसी बैकअप के तौर पर डिजाइन किया जाता है. जब टैंक में पेट्रोल एक निश्चित स्तर से नीचे पहुंच जाता है, तब बाइक रिजर्व फ्यूल का उपयोग करना शुरू कर देती है और लो फ्यूल का संकेत मिलने लगता है.

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रिजर्व में आने के बाद कितनी दूर चल सकती है बाइक?

रिजर्व में आने के बाद कितनी दूर चल सकती है बाइक?3 / 9

बाइक रिजर्व में आने के बाद कितनी दूरी तय करेगी, यह उसकी माइलेज, रिजर्व फ्यूल की मात्रा और मॉडल पर निर्भर करता है. हर बाइक में यह आंकड़ा अलग हो सकता है. ये भी पढे़ं- क्या कार पर पेड़ गिरने से हुए नुकसान पर मिलता है इंश्योरेंस का पैसा? जानें क्या कहता है नियम

आमतौर पर रिजर्व में कितना तेल बचता है?

आमतौर पर रिजर्व में कितना तेल बचता है?4 / 9

ज्यादातर मोटरसाइकिलों में कुल फ्यूल क्षमता का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व के रूप में बचा रहता है. आमतौर पर यह 1 से 1.5 लीटर तक हो सकता है. ये भी पढे़ं- क्या डिजिलॉकर में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह वैध है? चालान से बचने के लिए जान लें ये नियम

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माइलेज के हिसाब से तय होती है दूरी

माइलेज के हिसाब से तय होती है दूरी5 / 9

अगर आपकी बाइक 50 से 60 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज देती है, तो रिजर्व में आने के बाद यह लगभग 50 से 90 किलोमीटर तक चल सकती है.

सड़क और ट्रैफिक भी डालते हैं असर

सड़क और ट्रैफिक भी डालते हैं असर6 / 9

रिजर्व में मिलने वाली वास्तविक दूरी सड़क की स्थिति, ट्रैफिक, स्पीड और बाइक की कंडीशन पर भी निर्भर करती है. इसलिए हर स्थिति में एक जैसी दूरी तय नहीं होती. विशेषज्ञों की सलाह है कि रिजर्व में आने के बाद लंबी दूरी तय करने की बजाय जल्द से जल्द पेट्रोल भरवा लेना चाहिए, ताकि रास्ते में परेशानी न हो.

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क्या रिजर्व में चलाने से इंजन खराब होता है?

क्या रिजर्व में चलाने से इंजन खराब होता है?7 / 9

कुछ किलोमीटर तक रिजर्व में बाइक चलाने से इंजन को कोई सीधा नुकसान नहीं पहुंचता. वाहन निर्माता भी इस सुविधा को इमरजेंसी स्थिति को ध्यान में रखकर देते हैं. अगर आप हमेशा बाइक को रिजर्व तक पहुंचाकर चलाते हैं या टैंक लगभग खाली कर देते हैं, तो लंबे समय में कुछ तकनीकी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. लगातार कम पेट्रोल पर बाइक चलाने से फ्यूल पंप पर अतिरिक्त लोड पड़ सकता है, जो भविष्य में खर्च बढ़ाने की वजह बन सकता है.

1.5 लीटर रिजर्व हो तो कितनी दूरी तय होगी?

1.5 लीटर रिजर्व हो तो कितनी दूरी तय होगी?8 / 9

यदि आपकी बाइक 50 kmpl का माइलेज देती है और रिजर्व में लगभग 1.5 लीटर पेट्रोल मौजूद है, तो बाइक करीब 75 किलोमीटर तक चल सकती है.

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कब भरवा लेना चाहिए पेट्रोल?

कब भरवा लेना चाहिए पेट्रोल?9 / 9

जैसे ही लो फ्यूल इंडिकेटर दिखाई दे या बाइक रिजर्व पर आए, बेहतर होगा कि अगले 20 से 30 किलोमीटर के भीतर पेट्रोल भरवा लिया जाए. यही सुरक्षित और समझदारी भरा तरीका माना जाता है. (Images Credit-Pexels/Freepik)  

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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