सूर्य नमस्कार के आसनों के प्रकार
- प्रणामासन
- हस्त उत्तानासन
- पादहस्तासन
- अश्व संचालनासन
- दंडासन
- अष्टांग नमस्कार
- भुजंगासन
- पर्वतासन
- अश्व संचालनासन
- पादहस्तासन
- हस्त उत्तानासन
- प्रणामासन
हृदय और फेफड़ों के लिए फायदेमंद
अगर आप रोजाना सूर्य नमस्कार करते हैं, तो इससे हृदय की धड़कन नियंत्रित रहती है। इसके साथ ही फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और शरीर को अच्छी मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है।मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और वजन घटाने में सहायक
[caption id="attachment_1216440" align="aligncenter" ]तनाव और चिंता से राहत
सूर्य नमस्कार को रोजाना करने से तनाव और चिंता से राहत मिलती है। यह मन को शांत करता है और ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है।हार्मोनल बैलेंस और त्वचा में निखार
यह योगासन एंडोक्राइन सिस्टम पर सकारात्मक असर डालते हैं, जिससे हार्मोन संतुलित रहते हैं। इसके साथ ही, यह त्वचा में चमक लाने में मदद करता है।ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है
सूर्य नमस्कार करने से शरीर की स्ट्रेचिंग होती है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है और दिल को भी काफी लाभ मिलता है।बॉडी डिटॉक्स करता है
[caption id="attachment_1216441" align="aligncenter" ]Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।