50 के होने वाले हैं तो आज से ही खाना छोड़ दीजिए ये 15 चीजें, शरीर को बीमारियों का घर बना देंगे ये फूड्स

Foods To Avoid In 50s: खानपान की ऐसी बहुत सी चीजें हैं जिन्हें बढ़ती उम्र में खाने से परहेज करना चाहिए. ये फूड्स खासकर 50 की उम्र के बाद खाए जाएं तो सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डालने लगते हैं.

foods to avoid in 50s

50 ke baad kya na khaye: 50 की उम्र के बाद कुछ फूड्स से परहेज करना जरूरी है.

Bad Foods In 50s: व्यक्ति की उम्र बढ़ने लगती है तो शरीर खानपान के साथ अलग तरह से रिएक्ट करने लगता है. 50 साल के होने के बाद व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म प्राकृतिक रूप से धीमा होने लगता है और दिल की दिक्कतों, ब्लड प्रेशर, इंफ्लेमेशन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों (Health Problems) की संभावना बढ़ने लगती है. ऐसे में उम्र 50 की ओर बढ़ने लगी है या 50 के पार हो गई है तो अपने खानपान में बदलाव करना जरूरी होता है. यहां ऐसे ही 15 फूड्स का जिक्र किया जा रहा है जिन्हें बढ़ती उम्र में नहीं खाना चाहिए.

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50 के बाद क्या नहीं खाना चाहिए

प्रोसेस्ड मीट

प्रोसेस्ड मीट में सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है. इसे खाने पर ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) बढ़ सकता है और साथ ही दिल की दिक्कतों में इजाफा होता है.

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सोडा

रेग्यूलर सोडा की बोतल में 40 ग्राम तक शुगर होती है. ऐसे में शरीर का ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है.

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एल्कोहल

50 साल के बाद एल्कोहल का सेवन अगर जरूरत से ज्यादा किया जाए तो यह लिवर को खराब करने लगता है.

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फ्रोजन पिज्जा

फ्रोजन पिज्जा ताजे पिज्जा के मुकाबले ज्यादा नुकसानदायक होता है. इसे खाने पर शरीर में सॉल्ट की मात्रा बढ़ सकती है.

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फ्राइड फूड

तली-भुनी चीजें 50 के बाद आपकी सेहत को तेजी से खराब करती हैं. ये फूड्स रक्त धमनियों को ब्लॉक करने का काम करते हैं.

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शुगरी ब्रेकफास्ट

नाश्ते में शुगरी ब्रेकफास्ट जैसे सीरियल्स वगैरह लेना सेहत को बिगाड़ने वाला साबित होता है. इनमें शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है और पोषक तत्व कम होते हैं.

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प्रोसेस्ड बेक्ड फूड्स

बाजार से खरीदे गए प्रोसेस्ड बेक्ड फूड्स प्रीजर्वेटिव्स और एडिटिव्स से भरपूर होते हैं. ये फूड्स इंफ्लेमेशन की वजह बनते हैं और सेहत को खराब कर सकते हैं.

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एनर्जी ड्रिंक्स

ज्यादातर एनर्जी ड्रिंक्स में शुगर और कैफीन की मात्रा ज्यादा होती है. 50 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति के लिए इन ड्रिंक्स को पीना सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है.

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मिठाइयां

जरूरत से ज्यादा मिठाइयां या अन्य मीठी चीजें जैसे चॉक्लेट, कैंडी या आइसक्रीम खाना सेहत के लिए अच्छा नहीं है. इनके बजाय नेचुरल शुगर वाले फूड्स को डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए.

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कैंड फ्रूट्स

कैन में आने वाले फ्रूट्स यानी फलों को खाने से परहेज करना चाहिए. ये प्रोसेस्ड होते हैं और इनसे इंफ्लेमेशन बढ़ सकती है.

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वेजीटेबल चिप्स

बाजार में वेजीटेबल चिप्स (Vegetables Chips) को हेल्दी बताकर बेचा जाता है. लेकिन, इन चिप्स को भी पॉटेटो चिप्स जैसे तेल में ही पकाया जाता है जिससे इनका फैट कंटेंट भी वैसा ही होता है.

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बोतल वाली पास्ता सॉस

आजकल बाजार में पास्ता सॉस या अलग-अलग ग्रेवी बोतल में बेची जाती हैं. इनमें सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है और ये हाई कॉलेस्ट्रोल के रिस्क को बढ़ा सकते हैं.

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प्रोटीन बार्स

बाजार में मिलने वाले प्रोटीन बार्स हेल्दी कहकर बेचे जाते हैं. लेकिन, ये सेहत के लिए अच्छे नहीं हैं और इसीलिए इनके लेबल को पढ़ने के बाद ही इन्हें खाने के बारे में सोचना चाहिए.

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केक मिक्स

केक बनाने के लिए पैकेट में केक मिक्स आते हैं. इनमें शुगर की मात्रा ज्यादा होती है और ये मोटापे या डायबिटीज की वजह बन सकते हैं.

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फैंसी कॉफी ड्रिंक्स

घर पर बनी कॉफी हेल्दी है लेकिन बाहर से खरीदी गई बोतल या कैन वाली कॉफी में शुगर की मात्रा ज्यादा होती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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