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नींद की कमी नहीं बल्कि इन 7 कारणों से भी हो सकते हैं डार्क सर्कल्स, वजह चौंका देगी आपको

Dark Circles Causes: क्या 7-8 घंटे की नींद लेने के बाद भी डार्क सर्कल्स नहीं जा रहे? इसकी वजह सिर्फ नींद की कमी नहीं हो सकती. यहां जानिए ऐसे कौन से 7 लक्षण हैं जो डार्क सर्कल्स की वजह बन सकते हैं.

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7 वजहों से भी हो सकते हैं डार्क सर्कल्स.

Dark Circles Kyu Hote Hain: ज्यादातर लोग आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स या काले घेरों को नींद की कमी से जोड़कर देखते हैं. लेकिन कभी-कभी डार्क सर्कल्स की असल वजह सिर्फ नींद न पूरी होना ही नहीं होता. कई लोग 7-8 घंटो की नींद लेने के बाद भी डार्क सर्कल्स की समस्या से परेशान रहते हैं, इसका मतलब कि इसके पीछे सिर्फ नींद की कमी ही नहीं बल्कि कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. हमारी आंखों के नीचे की स्किन काफी पतली होती है, इसलिए हमारे शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलाव जैसे तनाव, पानी की कमी या बढ़ती उम्र का असर सबसे पहले इसी हिस्से पर दिखता है. अगर आपके डार्क सर्कल्स लंबे समय से बने हुए हैं या लगातार और भी डार्क होते जा रहे हैं तो इसके पीछे लाइफस्टाइल, खानपान या एलर्जी जैसे कारण भी हो सकते हैं. ऐसे में यहां जानिए आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स होने के 7 कारण कौन से हैं.

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आंखों के नीचे क्यों होते हैं डार्क सर्कल्स

सिर्फ नींद नहीं, तनाव (Stress) भी बन सकता है. ज्यादा समय तक तनाव में रहने से बॉडी में कोर्टिसोल का लेवल बढ़ जाता है. यह हॉर्मोन बॉडी में कई चीजों पर असर डालता है जैसे नींद, ब्लड सर्कुलेशन और स्किन प्रॉब्लम्स भी. तनाव की वजह से लोग अपनी नींद पूरी नहीं करते, पानी कम पीते हैं, अनहेल्दी खाना खाते हैं और इन्ही सब आदतों की वजह से डार्क सर्कल हो सकते हैं. तनाव को पूरी तरह खत्म करना तो संभव नहीं है लेकिन इसे मेडिटेशन, वर्कआउट और रेस्ट करने से थोड़ा कम किया जा सकता है.

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शरीर में पानी की कमी

सही मात्रा में पानी न पीना सिर्फ आपकी बॉडी ही नहीं बल्कि स्किन पर भी असर डाल सकता है. जब बॉडी में पानी की कमी होती है तो स्किन अपनी चमक खोने लगती है. इसकी वजह से आंखों के पास मौजूद ब्लड वेसल्स और डार्कनेस ज्यादा दिखने लगती है. इस परेशानी से बचने के लिए दिनभर सही मात्रा में पानी पीजिए और ज्यादा से ज्यादा पानी वाले फल जैसे तरबूज, संतरा, खीरा खाइए.

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आयरन और जरूरी पोषक तत्वों की कमी

हमारी बॉडी को सही तरह से काम करने के लिए विटामिन, मिनरल्स और आयरन जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है. अगर हमारी बॉडी में आयरन की कमी हो जाए तो इसे एनीमिया कहा जाता है, इस कन्डीशन में पूरी बॉडी में सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं जा पाता. इसकी वजह से आखों के नीचे की स्किन और गहरी दिखाई दे सकती है. इसके लिए डॉक्टर से मिलकर जांच कराने की सलाह लें.

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बढ़ती उम्र का असर

समय के साथ उम्र बढ़ना एक नैचुरल प्रोसेस है जिसका असर स्किन पर भी पड़ता है. समय के साथ कोलेजन और इलास्टिन का लेवल बॉडी में कम होने लगता है जिसकी वजह से आंखों के नीचे की स्किन पहले से ज्यादा पतली हो जाती है. स्किन पतली होने की वजह से ब्लड वेसल्स और मसल्स ज्यादा दिखाई देने लगती हैं जिससे डार्क सर्कल और गहरे हो जाते हैं. जिस तरह हर इंसान अलग होता है वैसे ही हर इंसान में ये बदलाव भी अलग-अलग होते हैं क्योंकि स्किन टाइप और लाइफस्टाइल का भी इसमें रोल होता है.

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एलर्जी और आंखों को बार-बार रगड़ना

कई लोगों को मौसम बदलने, धूल-मिट्टी, पोलन, डोमेस्टिक ऐनीमल के बाल से एलर्जी होने की वजह से आंखों में खुजली होती है. खुजली होने पर लोग बार-बार अपनी आंखें रगड़ते हैं. लगातार आंख रगड़ने से आंखों में जलन और सूजन हो सकती है. इसलिए सही समय पर अपनी एलर्जी को डॉक्टर को जरूर दिखाएं.

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ज्यादा स्क्रीन टाइम और आंखों पर दबाव

लोग कई घंटों तक मोबाईल, लैपटॉप पर समय बिताते हैं. लगातार लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से आंखों के पास की ब्लड वेसल्स ज्यादा दिख सकती हैं, जिससे आंखे डार्क लगती हैं. इसे कम करने के लिए अपनी स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें और बीच-बीच में हर 20-25 मिनट के बाद ब्रेक लें.

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जेनेटिक्स और कुछ हेल्थ कंडीशन

डार्क सर्कल्स का कारण सिर्फ लाइफस्टाइल ही नहीं होता, कुछ लोगों को ये समस्या जेनेटिक्स के चलते हो सकती है. अगर आपके माता-पिता या घर में किसी को डार्क सर्कल्स हैं तो आपको भी डार्क सर्कल्स हो सकते हैं. इसके अलावा एक्जिमा, साइनस, थायरॉयड या कुछ और हेल्थ की परेशानियां भी आंखों के नीचे कालापन बढ़ा सकती हैं. अगर डार्क सर्कल्स अचानक से बढ़ जाए और उनके साथ, वजन कम होना, थकान या चक्कर जैसे लक्षण हो तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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