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भारत में है एशिया का सबसे स्वच्छ गांव, लेकिन रविवार को एंट्री बैन! जानिए क्यों बनाया गया ये नियम

मेघालय का मावलिननॉन्ग गांव एशिया के सबसे साफ-सुथरे गांव के तौर पर जाना जाता है. अब यहां हर रविवार पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. ये फैसला गांव की संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और स्थानीय लोगों की निजी जिंदगी को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

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Credit: AI

कुछ जगहों पर लोग वहां के नज़ारों के लिए जाते हैं, तो कुछ जगहों पर वहां के रहन-सहन के तरीके के लिए. मेघालय की ईस्ट खासी हिल्स में मौजूद मावलिननॉन्ग (Mawlynnong) ने इन दोनों ही चीज़ों के लिए अपनी पहचान बनाई है. साफ़-सुथरे रास्ते, लोगों के मिलकर साफ़-सफ़ाई का काम करना और धीमी रफ़्तार वाली ज़िंदगी ने इसे नॉर्थ-ईस्ट जाने वाले यात्रियों के लिए एक खास जगह बना दिया है. लेकिन यात्रा का प्लान बनाते समय बहुत से लोग एक बात पर ध्यान नहीं देते. ये गांव हर हफ़्ते एक दिन के लिए पूरी तरह से टूरिज़्म को रोक देता है. आइए जानते हैं कि रविवार को पर्यटकों के लिए ये जगह क्यों बंद रहती है और यहां घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है.

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रविवार को होती है नो-एंट्री

जनवरी 2026 से मावलिननॉन्ग में रविवार को दिन भर के लिए आने वाले पर्यटकों पर रोक लगा दी गई है. इस तरह ये भारत की उन चुनिंदा पर्यटन जगहों में से एक बन गया है जो हर हफ़्ते का एक पूरा दिन अपने निवासियों के लिए समर्पित करता है. ये फ़ैसला गांव की परिषद या ‘डोरबार श्नोंग’ ने समुदाय के साथ बातचीत के बाद लिया. जो मेहमान स्थानीय होमस्टे में रात भर रुकते हैं, उन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जो यात्री दिन भर की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वो सोमवार से शनिवार के बीच जाएं.

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क्यों लिया गया ये फ़ैसला?

मावलिनॉन्ग के लोगों के लिए रविवार का दिन हमेशा से आस्था, परिवार और समुदाय से जुड़ा रहा है. जैसे-जैसे गांव की लोकप्रियता बढ़ी, पर्यटकों की बढ़ती संख्या का चर्च की प्रार्थनाओं और लोगों की रोज़मर्रा के कामों से टकराव होने लगा. गांव की पंचायत के मुताबिक, ये कदम इसलिए उठाया गया ताकि लोग बिना किसी रुकावट के चर्च की प्रार्थनाओं में शामिल हो सकें, परिवारों को टूरिज़्म की भागदौड़ से दूर एक खास दिन मिल सके, पर्यटक तब ना आएं जब ज़्यादातर दुकानें और खाने-पीने की जगहें बंद रहती हैं. इस पहल का मकसद टूरिज़्म को रोकना नहीं, बल्कि ये पक्का करना है कि ये सम्मानजनक और टिकाऊ बना रहे. यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच है, जब मौसम घूमने-फिरने के लिए सुहावना होता है. मॉनसून के महीनों में चारों तरफ़ हरियाली और शानदार नज़ारे देखने को मिलते हैं, हालांकि कभी-कभी भारी बारिश की वजह से सड़क से यात्रा करने में दिक्कत हो सकती है.

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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