ट्रिप की प्लानिंग में क्या आप भी लेते हैं AI की मदद? मुश्किल में धकेल सकती है ये शॉर्टकट
Using Of AI For Travel Planning: देश और विदेश में घूमने के लिए अक्सर युवा AI का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि यहां घूमने की प्लानिंग, बजट आदि कई जानकारियां आसानी से मिल पाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं एआई से ज्यादा जानकारी लेना आपके लिए सिरदर्द बन सकती है? आइए जानते हैं कैसे.
छुट्टियों में घूमने के लिए AI की मदद लेना कैसा है? (Image: AI/Pexels)
घूमना हर किसी को पसंद आता है, जिसके लिए लोग महीनों से तैयारियों में जुड़ जाते हैं और प्लानिंग करने लगते हैं कि कहां जाए, क्या करें कितना खर्च आएगा आदि. इन सभी चीजों के लिए आप ढेर सारी वेबसाइट पर जाकर जानकारी जुटा सकते हैं, रिव्यू पढ़ सकते हैं और दोस्तों से सुझाव मांग सकते हैं या फिर आप चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे AI को अपनी यात्रा की तारीखें, बजट और रुचियां बता सकते हैं और कुछ ही सेकंड में अपनी यात्रा की पूरी योजना हासिल कर सकते हैं. हालांकि, AI की मदद लेने वाले आप अकेले नहीं हैं.
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मीडियो रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के बहुत से लोग पहले से ही इस तरीके को अपना रहे हैं. युवा यात्रियों पर किए गए एक हालिया सर्वे के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के 28.8 प्रतिशत लोगों ने यात्रा के दौरान किफायती विकल्प खोजने, डेस्टिनेशन के बारे में जानकारी जुटाने और अपनी यात्रा की योजना तैयार करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं. इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलियाई सरकार के शोध के अनुसार, जेन-जी यानी युवा पीढ़ी के यात्रियों में यह आंकड़ा 30 प्रतिशत है. यानी कि एआई अब यात्रियों और उनके द्वारा चुने जाने वाले पर्यटन स्थलों, होटल और यात्रा के दौरान मिलने वाले अनुभवों के बीच एक प्रमुख माध्यम बनता जा रहा है. जानकारी के अनुसार, नए शोध का उद्देश्य यह समझना था कि किन कारणों से यात्री अपनी यात्रा से जुड़े फैसले एआई मंचों को सौंपने के लिए तैयार होते हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया के लोगों ने 2024-25 में विदेश यात्राओं के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए कुल 1.23 करोड़ यात्राएं कीं. यह पिछले साल की तुलना में 11.6 प्रतिशत ज्यादा था. इसके अलावा, देश के भीतर 11.3 करोड़ यात्राएं भी की गईं. शोधकर्ता कहते हैं कि उनके निष्कर्ष बताते हैं कि यात्रा की योजना बनाने के लिए क्रिएटिव तरीके से एआई (AI) का इस्तेमाल करने का फैसला करते समय यात्री पांच विशेषताओं पर विचार करते हैं. ये हैं;
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विश्वसनीयता
जवाबदेही
भरोसेमंद होना
निष्पक्षता
पारदर्शिता.
शोधकर्ताओं ने यह भी जांचा कि यात्री किस हद तक अपनी यात्रा से जुड़े फैसले एआई को सौंपने के लिए तैयार हैं. इसमें एआई टूल से यात्रा की योजना बनवाने से लेकर आखिरी फैसला लेने और सुझाव देने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपना शामिल था. यात्री एआई का इस्तेमाल करने के लिए तब ज्यादा तैयार होते हैं, जब उन्हें लगता है कि वह विश्वसनीय है और उसकी सेवाएं देने वाली कंपनियों को उनकी सिफारिशों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सकता है. साथ ही, समस्या आने पर उनसे उसका समाधान करने की उम्मीद भी की जा सकती है. इसका अर्थ है कि अगर एआई सटीक, एकसमान और भरोसेमंद सुझाव देता है, तो लोग अपनी यात्रा की योजना बनाने का कंट्रोल उसे सौंपने के लिए तैयार हो सकते हैं. लेकिन इसके कुछ पहलू ऐसे भी हैं, जिन पर ध्यान देना जरूरी है. ऑस्ट्रेलिया की सरकार की वेबसाइट ‘स्मार्टट्रैवलर’ बताता है कि, AI परिवहन सेवाओं की पुराने टाइम-टेबल, वीजा संबंधी गलत जानकारी और ऐसे होटलों का सुझाव दे सकता है जो बंद हो चुके हैं.
यात्रियों का भरोसा कैसे बढ़ता है?
शोधकर्ता को अध्ययन में कि यात्रियों का भरोसा कायम करने में एआई की जवाबदेही की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. यात्रियों को जब लगता है कि एआई मंच अपनी सिफारिशों के लिए जिम्मेदार हैं और उन्हें जवाबदेह ठहराया जा सकता है, तो वे उनसे अपने फैसले करवाने के लिए ज्यादा तैयार होते हैं. ऑस्ट्रेलिया के 421 लोगों पर किए गए स्टाडी का निष्कर्ष इस आम धारणा को चुनौती देते हैं कि ज्यादा स्पष्टीकरण देने से हमेशा भरोसा बढ़ता है. शोधकर्ता ने क्रिएटिव तरीके एआई का इस्तेमाल करने वाले ऑस्ट्रेलिया के यात्रियों का सर्वेक्षण करने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि एआई के इस्तेमाल के मामले में ऑस्ट्रेलिया दुनिया के लींडिंग देशों में शामिल है.
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ज्यादा जानकारी पैदा करती है मुश्किल
लोग यात्रा के लिए AI का इस्तेमाल इसलिए करते हैं, ताकि उन्हें जानकारी खोजने, विकल्पों की तुलना करने और तथ्यों की जांच करने में ज्यादा मेहनत न करनी पड़े. हालांकि, अगर AI प्रणाली इसके बाद यह विस्तार से बताने लगे कि उसने हर उड़ान, होटल की विशेषता, आदि को को किस तरह परखा, तो इससे मिलने वाली सुविधा कम होने लगती है, यानी कि स्पष्टीकरण पढ़ना एक सिर दर्द बनने लगता है. शोध के निष्कर्षों का यह अर्थ नहीं है कि पारदर्शिता बुरी चीज है या कंपनियों को एआई के काम करने के तरीके को छिपाना चाहिए, बल्कि, पारदर्शिता कितनी उपयोगी साबित होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि जानकारी किस तरह दी जाती है. अब अगर आप भी यात्रा का प्लान बना रहे है और AI की मदद लेने की सोच रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
जानकारी की अच्छे से जांच करें- यह सुनिश्चित करें कि ट्रेन-फ्लाइट के रवाना होने का समय सही है या नहीं और जिस होटल के बारे में बताया गया है, वह हकीकत में मौजूद है या नहीं.
यह पता करें कि गड़बड़ी होने पर जवाबदेह कौन होगा. यह मानकर न चलें कि ज्यादा स्पष्टीकरण मिलने का अर्थ यह है कि एआई ज्यादा भरोसेमंद है, बल्कि खुद से भी जानकारी लें.