आजकल कई पेरेंट्स काम और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच बैलेंस बनाने का काम करते हैं. हालांकि, घर में कोई बड़ा रहता है तो बैलेंस बनाना आसान हो जाता है, लेकिन अगर छोटा बच्चा है तो उसे अकेला छोड़ना ठीक नहीं होता है. खासकर उन पैरेंट्स के लिए यह टेंशन और भी बढ़ जाती है, जिनके पेरेंट्स जॉब करते हैं. ऐसे में ऑफिस जाने वाले पेरेंट्स बच्चे की देखभाल के लिए नैनी रखते हैं, ताकि उनके छोटे-मोटे काम आसानी से किए जा सकते हैं. हालांकि, अपने बच्चे को किसी दूसरे इंसान के भरोसे छोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन मजबूरी है… छोड़ना पड़ता है. हालांकि, नैनी रखने के बाद भी टेंशन कम नहीं होती क्योंकि पेरेंट्स के मन में बच्चे की केयर करने को लेकर कई तरह के सवाल रहते हैं.
नैनी का बैकग्राउंड जरूर चेक करें
बच्चे के लिए नैनी चुनते समय सबसे पहले उसकी पहचान और बैकग्राउंड जरूर चेक करें. सिर्फ किसी के कहने पर या कम सैलरी की वजह से किसी को काम पर रखने का फैसला न करें. नैनी का सरकारी पहचान पत्र देखें और जहां वो रहती है वहां की पुलिस से वेरिफिकेशन कराएं.
बच्चे की देखभाल से जुड़ी जरूरी बातें समझाना
हर बच्चे की जरूरतें अलग होती हैं और आपको नैनी को यह खुलकर बताना चाहिए. उन्हें समझाएं कि आपका बच्चा क्या करना पसंद करता है और किन चीजों को खाना पसंद करता है. उसकी साफ-सफाई से जुड़ी चीजें नैनी को बताएं और अगर कोई बीमारी है तो उसकी पूरी जानकारी दें.
इमरजेंसी के लिए तैयार रखें जरूरी जानकारी
ऑफिस जाने से पहले नैनी को अपना मोबाइल नंबर, घर का पता और किसी भरोसेमंद इंसान का नंबर जरूर दें. फिर बच्चे के डॉक्टर की जानकारी भी ऐसी जगह रखें, जहां जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से देखा जा सके. साथ ही, नैनी को बताएं कि बच्चे को अचानक बुखार आने, चोट लगने, सांस लेने में परेशानी होने या कोई परेशानी होने पर किस तरह बिहेव करें.
घर को तैयार करें
नैनी रखने से पहले घर में बच्चे की सेफ्टी का इंतजाम करना बेहद जरूरी है. छोटे बच्चे अक्सर चीजों को छूते हैं और मुंह में डालने की कोशिश करते हैं. ऐसे में दवाइयां, सफाई में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, नुकीली चीजें और छोटे आकार की वस्तुएं उनकी पहुंच से दूर रखें. साथ ही, अपने कमरे या घर में कैमरा जरूर लगाएं.
नैनी को बच्चे के साथ पहले वक्त बिताते हुए देखें
नैनी को पहली बार बच्चे के साथ अकेला छोड़ने के बजाय कुछ समय उसके साथ बिताएं. शुरुआत में अपनी मौजूदगी में देखें कि वह बच्चे से किस तरह बात करती है, उसे कैसे संभालती है और रोने पर किस तरह से बच्चे को संभालती है. साथ ही, चेक करें कि क्या नैनी बच्चे की जरूरतों को समझने की कोशिश करती है? क्या वह बच्चे को शांत करने के लिए प्यार और सहजता से पेश आती है? यह सारी चीजें चेक करें और फिर नैनी को काम करने के लिए रखें.