- मौसम बदलने, तापमान में उतार-चढ़ाव, कम नमी और गर्म पानी से नहाने के कारण स्किन रूखी होकर खुजली का कारण बनती है.
- स्किन की ऊपरी लेयर कमजोर होने पर नमी तेजी से कम होती है, जिससे स्किन रूखी, संवेदनशील और खुजली वाली हो जाती है.
- खुशबूदार साबुन, हार्श क्लींजर और बार-बार रगड़कर साफ करने से स्किन में जलन और एलर्जी बढ़ सकती है.
इस मौसम में बार-बार खुजली होना आम बात है, क्योंकि ठंड की वजह से स्किन रूखी पड़ने लगती है या नहाने के बाद ज्यादा खिंचाव महसूस होता है. हालांकि, मौसम बदलने, तापमान में उतार-चढ़ाव आने, कम नमी और गर्म पानी से नहाने की वजह से नेचुरल ग्लो काफी इफेक्ट होता है और स्किन बेजान हो जाती है. इससे राहत पाने के लिए लोग कई तरह की क्रीम या तेल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर स्किन ड्राई हो जाती है. इसलिए खुजली से राहत पाने के लिए नहाने के पानी में घरेलू चीजें मिलाई जा सकती हैं. अगर आपको भी इंफेक्शन या खुजली से बचना है तो नहाने के पानी में नीम के पत्ते या बेकिंग सोडा जैसी चीजें मिलाएं. ये चीजें आपको संक्रमण और कई मौसमी बीमारियों से दूर रखने का काम करेंगी. बाकी इन चीजों का इस्तेमाल आप कैसे कर सकते हैं, आइए इस लेख में विस्तार से जानते है.
बदलते मौसम में त्वचा पर खुजली क्यों होने लगती है?
स्किन हमारे शरीर की ऊपरी लेयर होती है. यह शरीर में नमी बनाए रखने और बाहरी परेशान करने वाले तत्वों से बचाव करने में मदद करती है. जब स्किन की यह परत कमजोर हो जाती है तो नमी तेजी से कम हो सकती है. इससे स्किन रूखी, संवेदनशील और खुजली वाली हो सकती है.
- मौसम में बदलाव होने की वजह से हवा में नमी कम होने लगती हैं. इसलिए स्किन ज्यादा ड्राई हो जाती है और त्वचा पर रूखापन, सफेद परत, खिंचाव और खुजली महसूस होती है.
- ठंड बढ़ने पर लोग अक्सर बहुत ज्यादा गर्म पानी से नहाते हैं. इससे स्किन की नमी गायब हो जाती है और खुजली होने लगती है.
- खुशबू वाले साबुन, हार्श क्लींजर और बार-बार स्किन को रगड़कर साफ करने से त्वचा में जलन बढ़ सकती है और एलर्जी हो जाती है.
- हर तरह की खुजली का कारण मौसम नहीं होता. कई बार यह एक्जिमा, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, पित्ती और कुछ संक्रमणों भी हो सकते हैं. अगर खुजली बार-बार होती है, स्किन पर लाल चकत्ते आते हैं या घाव बनने लगते हैं तो सही कारण जानने के लिए स्किन डॉक्टर से बात जरूर करें.
नीम के पत्तों का पानी
आप नहाने के पानी में नीम के पत्ते मिला सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि नीम का पानी अपने प्राकृतिक एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-माइक्रोबियल और एंटी-फंगल गुणों के लिए जाना जाता है. यह स्किन और बालों से जुड़ी कई समस्याओं के लिए रामबाण की तरह काम करता है. इसके पानी से नहाने से आपको बहुत फायदेमंदा होगा, क्योंकि ये पानी आपको मौसमी खुजली और फंगल इन्फेक्शन से दूर रखेगा.
सामग्री
- नीम के पत्ते – 20
- सादा पानी – 2 बाउल
विधि
नहाने के पानी में नीम के पत्तों का इस्तेमाल करने के लिए आपको नीम के पत्तों को पानी में डालकर उबालना होगा और ठंडा होने पर उसे नहाने के पानी में डालकर इस्तेमाल करना होगा. बता दें, नीम का पानी पिंपल्स, रेशैज और स्किन प्रॉब्लम को भी ठीक करने में मदद करता है. नीम के पानी से नहाने से बॉडी से आने वाली बदबू भी कम हो जाती है और बदबू शरीर के कुछ नमी वाले हिस्सों में बैक्टीरिया पनपने के कारण होती है तो इसलिए आप इस नुस्खे का इस्तेमाल करें.
बेकिंग सोडा का पानी
नहाने के पानी में बेकिंग सोडा डालकर नहाने से शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं. इसके लिए आप नहाने के पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर नहाएं, क्योंकि ये स्किन को मुलायम बनाता है और आपको संक्रामक से भी दूर रखता है. इसके अलावा, यह पानी से होने वाले तमाम प्रभाव को शरीर से डिटॉक्स करने मदद करता है.
सामग्री
बेकिंग सोडा – 5 बड़े चम्मच
पानी – 1 बाल्टी
विधि
आप बेकिंग सोडा को नहाने के पानी में सीधे तौर पर डाल कर नहाएं. बता दें कि बेकिंग सोडा के पानी से नहाने के कई फायदे हैं लेकिन ये खुजली, पिंपल्स, रेशैज और स्किन प्रॉब्लम को भी ठीक करने में फायदेमंद माना जाता है. साथ ही, ये स्किन को पूरी तरह से साफ भी करता है तो आप रोज नहाने के पानी में बेकिंग सोडा मिला सकते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.