Subah Uthte Hi Phone Check Karne Ki Aadat: आपने अक्सर गैर किया होगा जब आप सोकर उठ रहे होते हैं, सबसे पहले आपका हाथ फोन को उठाने के लिए बढ़ता है. आंख ढंग से खुली हो या नहीं, लेकिन दिमाग दिन की शुरुआत सबसे पहले मोबाइल की खोज से करता है. ऐसे में अक्सर लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर ऐसा क्यों? क्या ये बुरी आदत है या हम इतना ज्यादा फोन का इस्तेमाल करने लगे हैं कि दिमाग को काम करने के लिए फोन का सहारा लेना पड़ रहा है? इस बारे में सोच-सोचकर अक्सर लोग तनाव लेने लगते हैं, लेकिन इसके पीछे की साइंस शायद ही कोई समझने की कोशिश करता है. आइए जानते हैं आखिर ऐसा होता क्यों है?
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सिर्फ लत नहीं, कुछ खास है पीछे की वजह
इस आदत को लेकर साइंस मानता है कि इसके पीछे दिमाग की स्वाभाविक काम करने का तरीकों में से एक है. यानी कि नींद से जागने के बाद दिमाग को आसपास की दुनिया से दोबारा जुड़ना होता है और जानने की कोशिश करता है कि हमारे सोते समय क्या नया हुआ. यही वजह है कि आंख ठीक से खुले या नहीं, हाथ और दिमाग फोन की तलाश में लग जाता है.
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एक नोटिफिकेशन के लिए इंतजार करता है दिमाग
रिपोर्ट बताते हैं कि, इंसान का दिमाग हमेशा नई जानकारी हासिल करने के लिए तैयार और काफी उत्सुक रहता है. सुबह उठते ही यह उत्सुकता इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि जब फोन में कोई नया नोटिफिकेशन, ईमेल की आवाज भी सुनाई देती है, तो दिमाग तुरंत फोन चेक करने के लिए कहता है और एक तरह का सुकून महसूस होता है. वरना तब तक बेचैनी बनी रहती है. वक्त के साथ ये उत्सुकता पक्की आदत बन जाती है, जिस कारण व्यक्ति बिना कुछ सोचे-समझे रोजाना सबसे पहले कई मिनटों फोन चेक करता रहता है, जिसे ऑटेमैटिक रिसपॉन्स कहना गलत नहीं होगा.
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क्यों नहीं छूट पाती ये आदत?
जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि सुबह होते ही दिमाग नई जानकारी हासिल करने के लिए मोबाइल चेक करने के लिए कहता है और जब कोई ईमेल, नोटिफिकेशन या मैसेज मिल जाता है, तो राहत का एहसास होता है. इसी अनुभव दोबारा हासिल करने के लिए दिमाग यही प्रक्रिया अपनाने के लिए प्रेरित करता है. इस तरह यह चक्र रोज दोहराया जाता है और धीरे-धीरे हमारी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाता है. मनोविज्ञान में इसे 'क्यू-रूटीन-रिवॉर्ड' साइकिल कहा जाता है.
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क्या सेहत के लिए खराब है ये आदत?
ऐसा जरूरी नहीं कि रोज सुबह फोन चेक करना कोई बुरी आदत हो, लेकिन अगर यह आदत कई घंटे खा जाए, तो इसे ठीक करना जरूरी भी हो जाता है. क्योंकि सुबह-सुबह लंबे समय तक सोशल मीडिया आदि का इस्तेमाल आपके फोकस और प्रोडक्टिविटी पर काफी असर डाल सकता है.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.