सर्दियों में जुराब पहनकर सोना चाहिए या नहीं? डॉक्टर ने दिया जवाब, बताया मोजे पहनकर सोने पर क्या होता है

Is it good to sleep with socks on: अक्सर ही मन में यह सवाल आता कि सर्दियों में जुराब पहनकर सोना चाहिए या नहीं. यहां जानिए क्या है इस सवाल का जवाब. डॉ. सेठी बता रहे हैं जुराब पहनकर सोने पर शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है.

Sleeping With Socks On

क्या मोजे पहनकर सोना चाहिए? Image Credit - Pexels

Sleeping With Socks On: सर्दियों के मौसम में बहुत से लोग जुराब पहनकर सोते हैं तो ऐसे लोगों की भी गिनती कम नहीं है जो चाहे जितनी भी सर्दी हो बिना जुराब पहने ही सोना पसंद करते हैं. जुराब मोटे या पतले होते हैं लेकिन इनसे पांव कवर्ड रहते हैं और सर्दियों में रजाई के अलावा भी पैरों को एक एक्स्ट्रा लेयर मिल जाती है. लेकिन, क्या जुराब पहनकर सोना (Jurab Pehenkar Sona) सचमुच फायदेमंद होता है? यहां जानिए गेस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ सेठी का इसपर क्या कहना है. डॉक्टर सेठी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट शेयर करके बताया है कि जुराब पहनकर सोने पर क्या होता है.

विज्ञापन

जुराब पहनकर सोना चाहिए या नहीं

डॉ. सौरभ सेठी बताते हैं कि स्टडीज के अनुसार, जुराब पहनकर सोने पर आपकी स्लीप क्वालिटी बेहतर होती है. जुराब पहनकर सोया जाए तो शरीर का तापमान रेग्यूलेट होता है. जब आपके पांव गर्म होते हैं तो इससे रक्त धमनियां डाइलेट होती हैं जिससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और रिलैक्सेशन प्रोमोट होती है. इससे शरीर ज्यादा आराम महसूस करता है. ऐसे में जुराब पहनकर सोना बेहद फायदेमंद साबित होता है.

विज्ञापन

कैसे जुराब पहनकर सोना चाहिए

विज्ञापन
  • जुराब नेचुरल और सॉफ्ट फाइबर वाले चुनें. आप ऊनी या कश्मीरी वूल वाले जुराब पहन सकते हैं. सूती के जुराब भी पहने जा सकते हैं.
  • आर्टिफिशियल फाइबर वाले या चुभने वाले जुराब ना पहनें. इनसे पैरों में खुजली हो सकती है.
  • इस बात का ध्यान रखें कि आपके जुराब बहुत ज्यादा टाइट ना हों. टाइट फिटिंग वाले जुराब पहनकर सोने पर पैरों पर ब्लड सर्कुलेशन ठीक तरह से नहीं होता है.
  • अपने साइज के ही जुराब पहनें. बहुत ज्यादा छोटे या बड़े जुराब पैरों से निकलने लगते हैं.
  • सर्दियों में अक्सर ही कपड़े ठीक तरह से नहीं सूखते हैं. लेकिन, इस चक्कर में गीले जुराब पहनकर ना सो जाएं. गीले जुराब पैरों में इंफेक्शन की वजह बन सकते हैं.

सर्दियों में जुराब पहनकर ना सोने पर क्या होता है

बहुत से लोगों को ठंड ज्यादा लगती है और चाहे कितना ही रजाई से पैरों को ढक लिया जाए फिर भी ठंड पैरों पर चढ़ती रहती है. ऐसें में जुराब पहनकर ना सोने पर व्यक्ति को पूरे शरीर में ठंड महसूस हो सकती है, देररात नींद खुल सकती है, ठंड से थरथराने से तबीयत बिगड़ सकती है और अपने ही पैर पर पैर रखकर सोना मुश्किल हो जाता है सो अलग.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ