How To Cool Room Without AC: चिलचिलाती गर्मियों में घर आग का गोला बन जाता है. बाहर धूप से आने के बाद अगर घर के अंदर भी गर्मी लगे तो चिड़चिड़ाहट तो होती ही है, साथ ही चैन से उठना-बैठना भी मुश्किल हो जाता है. गर्मी ज्यादा हो तो कूलर की हवा भी कुछ ज्यादा असर नहीं दिखा पाती और अक्सर ही Air Conditioner लगाने की सलाह दी जाती है. लेकिन, सभी लोगों को लिए घर में एसी लगवाना संभव नहीं होता है. AC का अगर बजट ना हो तो यह मुमकिन नहीं है कि इसे लगवा लिया जाए. मगर जिनके घर में AC ना हो वे गर्मी से परेशान रहें ऐसा जरूरी नहीं है. ऐसे कई देसी तरीके हैं जो गर्माहट कम करके घर को ठंडा करने (Room Cooling) का काम करते हैं. एक जमाना वो भी था जब बिजली से चलने वाले उपकरण नहीं होते थे और फिर भी लोग गर्मी से निपट लेते थे. यहां आपको ऐसी ही एक घास के बारे में बताया जा रहा है जिससे बने वाले परदे घर को AC की तरह ही ठंडा रखते हैं.
बिना AC के घर को कैसे रखें ठंडा
अगर घर में AC नहीं है और फिर भी घर को ठंडा रखना है तो आप घर में खस के परदे (Khas Ke Parde) लगा सकते हैं. खस की घास को वेटिवर ग्रास (Vetiver Grass) कहा जाता है. खस से बने परदे को खिड़की, दरवाजों और बालकनी के गेट पर टांग दी जाए तो यह अपना असर दिखाने लगती है. खस के परदे को पानी मारकर गीला किया जाता है. इसके बाद जब गर्म हवा इस परदे की लेयर्स से पार होकर घर में आती है तो ठंडी हो जाती है. इससे घर के अंदर की गर्माहट खत्म होती है, घर को प्राकृतिक कूलिंग (Natural Cooling) मिलती है और आपको AC की कमी महसूस नहीं होती है.
लोगों को क्यों पसंद आ रहे हैं खस के परदे
बिजली से चलने वाले उपकरण पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं. इनसे ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ती है और ये अपने कार्बन फूटप्रिंट छोड़ते हैं. वहीं, खस के परदे सतत विकास में मदद करते हैं. ये सस्ते होते हैं, टिकाउ होते हैं और इनका असर लंबे समय तक चलता है. खस के परदे गर्माहट को घर में आने से रोकते हैं, ये हीट को ब्लॉक कर देते हैं और एयर कंडीशनर की तरह प्रभावी होते हैं. ये देखने में भी अच्छे होते हैं और घर के एस्थेटिक को बेहतर करते हैं.
खस के परदे कैसे तैयार किए जाते हैं
- खस के परदे आप बाजार से खरीद सकते हैं. लेकिन, इसे बनाने की प्रक्रिया भी जान सकते हैं. इन परदों को खस की
- घास की कटाई करके तैयार किया जाता है.
- कटाई के बाद इसकी जड़ों को साफ करते हैं. जड़ों पर चिपकी मिट्टी को निकाल देने के बाद ये जड़ें सुखाई जाती हैं.
- सूखने के बाद इन जड़ों से मद्धम खुशबू आने लगती है. अब जड़ों की बुनाई होती है.
- बुनाई करके परदे तैयार किए जाते हैं और परदों के किनारों पर फ्रेम लगाकर सिलाई होती है.
- बैक सपोर्ट के लिए इन परदों पर एक्स्ट्रा लेयर भी लगाई जाती है. लेयर के लिए कपजडे का इस्तेमाल हो सकता है.
बस इस तरह बनकर तैयार हो जाते हैं खस के परदे. इन परदों को खरीदकर आप भी अपने घर में लगा सकते हैं.
यह भी पढ़ें – घर पर हेयर डाई कैसे बनाएं? यहां जानिए सफेद बालों को काला करने का जबरदस्त घरेलू नुस्खा
संबंधित खबरें
करवाचौथ पर चाहिए मुलायम बाल तो केले से बना लीजिए हेयर मास्क
7 hrs agoकभी चखी है यूपी की फेमस लापसी? बेहद आसान है इसे घर पर बनाने का तरीका
7 hrs agoपति-पत्नी को भेजने के लिए परफेक्ट हैं करवाचौथ की ये शायरी और इमेजेस
8 hrs agoसरगी की थाली में क्या-क्या शामिल करें? जानें किन गलतियों से बचना चाहिए
9 hrs agoदिवाली से पहले घर में करवाना है पेंट? इन ट्रेंडिंग कलर्स से लें इंस्पिरेशन
11 hrs agoव्रत के बाद पार्टनर को खिलाएं घर पर बनी मलाईदार फिरनी, जानें आसान रेसिपी
11 hrs agoकरवाचौथ की मेहंदी होनी चाहिए सबसे खास, इन यूनिक डिजाइन को देखकर सजाएं हाथ
12 hrs agoMeethi Mathri Recipe: करवाचौथ पर घर में बनाएं मीठी मठरी
14 hrs agoफेनिया के बिना अधूरा है करवाचौथ का त्योहार, यहां जानिए स्पेशल Feni Recipe
1 day agoचेहरे के छोटे-छोटे बाल हटाने हैं तो आटे का ऐसे करें इस्तेमाल
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines