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घर पर सिर्फ 1 हफ्ते में उगाएं सरसों और मूंग के माइक्रोग्रीन्स, यहां जानिए आसान तरीका

Microgreens Growing Tips: अगर आप घर पर फ्रेश हरी पत्तियां उगाना चाहते हैं तो सरसों और मूंग के माइक्रोग्रीन्स एक आसान ऑप्शन हैं. इन्हें थोड़े से बीज, एक ट्रे, साफ पानी और रोशनी की मदद से घर पर ही उगाया जा सकता है. 

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अगर आप सही बीज, पानी और जगह की देखभाल करेंगे तो यकीनन सिर्फ 1 हफ्ते में माइक्रोग्रीन्स को उगाने में कामयाब होंगे. Image Credit- AI

खबर की मुख्य खबरें:
  • माइक्रोग्रीन्स छोटे पौधे होते हैं जिन्हें बीज अंकुरित होने के बाद शुरुआती पत्तियां निकलने पर काटा जाता है.
  • इन्हें घर पर बालकनी, खिड़की या किचन के पास उगाया जा सकता है और आमतौर पर 7 से 21 दिनों के भीतर कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं.
  • सरसों और मूंग के माइक्रोग्रीन्स को 1 हफ्ते में उगाया जा सकता है, जिसमें सरसों 5 से 7 दिन और मूंग 7 से 10 दिन लेती है.

आजकल हेल्दी डाइट और घर पर उगाई गई फ्रेश सब्जियों का चलन तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में माइक्रोग्रीन्स लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. ये छोटे-छोटे पौधे होते हैं, जिन्हें बीज अंकुरित होने के बाद शुरुआती पत्तियां निकलने पर काटकर खाया जाता है. खास बात यह है कि इन्हें उगाने के लिए बड़े बगीचे या ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती. आप अपने घर की बालकनी, खिड़की या किचन के पास भी सरसों और मूंग के माइक्रोग्रीन्स उगा सकते हैं. अगर आप सही बीज, पानी और जगह की देखभाल करेंगे तो यकीनन सिर्फ 1 हफ्ते में माइक्रोग्रीन्स को उगाने में कामयाब होंगे. 

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माइक्रोग्रीन्स क्या होते हैं?

माइक्रोग्रीन्स पौधों की बहुत छोटी और कोमल पत्तियां होती हैं. इनके लिए बीजों को मिट्टी या किसी दूसरे ग्रोइंग मीडियम में लगाया जाता है. जब पौधे में पत्तियां निकल कर आने लगती हैं तब इन्हें काटकर इस्तेमाल किया जाता है. बता दें कि इसे मूली, सरसों, धनिया, मटर, ब्रोकोली और सूरजमुखी जैसे कई पौधों के माइक्रोग्रीन्स घर पर उगाए जा सकते हैं. आमतौर पर 7 से 21 दिनों के बीच काटा जा सकता है.

घर पर कैसे लगा सकते हैं माइक्रोग्रीन्स? 

सरसों और मूंग के माइक्रोग्रीन्स उगाने के लिए आप नीचे बताए गए टिप्स काम आ सकते हैं.  

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सामग्री 

  • सरसों के बीज
  • साबुत मूंग के बीज
  • छेद वाली उथली ट्रे या गमला
  • हल्की मिट्टी या कोकोपीट
  • स्प्रे बोतल
  • छेद वाली दूसरी ट्रे

विधि 

  • सरसों के बीजों को साफ पानी से धो लें और इन्हें आमतौर पर सीधे बोया जा सकता है, इसलिए लंबे समय तक भिगोने की जरूरत नहीं होती. मूंग के बीजों को अच्छी तरह धोकर लगभग 6 से 8 घंटे तक साफ पानी में भिगो सकते हैं.
  • इसके बाद पानी निकाल दें और बीजों को फिर से धो लें. मूंग को बहुत ज्यादा देर तक पानी में न छोड़ें, क्योंकि इससे खराब होने का खतरा बढ़ सकता है. अब एक उथली ट्रे लें, जिसके नीचे पानी निकलने के लिए छेद हों. 
  • इसमें लगभग 2 से 3 सेंटीमीटर मिट्टी या कोकोपीट की परत बिछा दें. इसके बाद हल्का पानी छिड़कें, ताकि नम हो जाए लेकिन उसमें पानी जमा न रहे. अगर आप दोनों तरह के माइक्रोग्रीन्स उगाना चाहते हैं तो सरसों और मूंग के लिए अलग-अलग ट्रे रखना बेहतर होगा.
  • अब सरसों और मूंग के बीजों को अलग-अलग ट्रे में फैला दें. कोशिश करें कि बीज एक लेयर में रहें और एक-दूसरे के ऊपर बहुत ज्यादा जमा न हों. बीज बोने के बाद ट्रे को ऐसी जगह रखें, जहां तेज धूप सीधे न पड़ती हो. 
  • जब बीज अंकुरित होने लगें और छोटे पौधे दिखाई देने लगें तो ट्रे को ऐसी जगह रखें जहां रोशनी आती हो. हल्की धूप या अच्छी अप्रत्यक्ष रोशनी पौधों की बढ़त में मदद कर सकती है. मिट्टी को पूरी तरह सूखने न दें, लेकिन उसे लगातार पानी से भरा हुआ भी न रखें. 
  • सरसों के माइक्रोग्रीन्स लगभग 5 से 7 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो सकते हैं. मूंग के माइक्रोग्रीन्स को तैयार होने में कभी-कभी 7 से 10 दिन या उससे ज्यादा का समय भी लग सकता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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