जापान में तरबूज के छिलके फेंकते नहीं हैं बल्कि खरीदकर घर लाते हैं लोग, जानिए इन Watermelon Rind का कैसे होता है इस्तेमाल

Watermelon Rind Uses: तरबूज के छिलके अक्सर ही फेंक दिए जाते हैं या कूड़ा समझे जाते हैं. लेकिन, जापान के लोग इन छिलकों का सही तरह से इस्तेमाल करना जानते हैं. वे इन छिलकों को फेंकने की गलती नहीं करते हैं.

Watermelon rind

जानिए जापानी लोग कैसे करते हैं तरबूज के छिलकों का इस्तेमाल.

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How Japanese Use Watermelon Rind: गर्मियों में तरबूज खाकर इसके छिलकों को कूड़े के डिब्बे में फेंक दिया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं जापान के लोग तरबूज खाकर फेंकते नहीं हैं बल्कि इसके छिलके का अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करते हैं. इसीलिए जापान के बाजारों और सुपरमार्केट में भी तरबूज के छिलके पैकेट में बंद बेचे जाते हैं और लोग इन्हें खरीदकर घर लाते हैं. असल में जापान के लोग तरबूज के छिलकों से जापानी आचार बनाते हैं जिसे tsukemono कहा जाता है. ऐसे में आप भी जानिए कैसे घर पर बनाया जा सकता है तरबूज के छिलकों का आचार.

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कैसे बनाते हैं तरबूज के छिलकों का आचार

घर पर तरबूज के छिलकों का आचार बनाने के लिए जापानी लोग इस खास रेसिपी को अपनाते हैं. इसमें सबसे पहले तरबूज के छिलकों से सफेद हिस्से को निकाल लिया जाता है और हरे हिस्से को छोड़ देते हैं. सफेद हिस्से को क्यूब्स में काटा जाता है. इसके बाद इसे वाइन के साथ जिपलॉक बैग में बंद करके रखा जाता है. वाइन के अलावा इसमें राइस विनेगर डाल सकते हैं. अगर लेमन राइस विनेगर होगा तो आचार का स्वाद और अच्छा आएगा. राइस विनेगर से बने आचार को suzuke कहते हैं. इसमें क्रंच ज्यादा होता है और यह हल्के मीठे और कड़वे फ्लेवर का होता है.

सब्जी भी बना सकते हैं

जापान के ऐसे कुछ हिस्से हैं जहां अन्य सब्जियों की तरह ही तरबूज के छिलके की सब्जी बनाई जाती है. इस सब्जी को अन्य सब्जियों की ही तरह मसाले वगैरह डालकर पकाया जाता है और स्वाद लेकर खाया जाता है.

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बना सकते हैं स्मूदी

तरबूज के छिलके को स्मूदी में भी डाल सकते हैं. इस छिलके के सफेद हिस्से को काटकर बाकी फलों के साथ पीसकर स्मूदी बनाएं. आपकी स्मूदी फाइबर से भरपूर हो जाएगी.

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तरबूज के छिलकों के फायदे

  • तरबूज के छिलके फाइबर से भरपूर होते हैं. इन छिलकों के सेवन से पाचन बेहतर होता है.
  • दिल की सेहत अच्छी रहने में मदद मिलती है. यह ब्लड फ्लो को भी बेहतर करता है.
  • शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी इन छिलकों का असर दिखता है.
  • ये छिलके पौटेशियम, मैग्नीशियम और जिंक से भरपूर होते हैं.
  • गंदे कॉलेस्ट्रोल को कम करने में भी तरबूज के छिलकों का असर दिखता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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