Health Tips: मौसमी बदलावों के कारण सर्दी-जुकाम, बुखार या फ्लू जैसी बीमारियां बढ़ सकती हैं और ऐसी स्थितियों में अक्सर हाइड्रेशन को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इससे डिहाइड्रेशन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और एनर्जी के लेवल में कमी हो सकती है, जो रिकवरी को काफी हद तक प्रभावित करती है। अनुष्का शर्मा के डायटीशियन और ओलंपिक स्पोर्ट्स न्यूट्रिशनिस्ट रयान फर्नांडो ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर डिहाइड्रेशन के बारे में बात की और बताया कि कैसे पता करें कि आपको अपने लाइफ में बदलाव करने की जरूरत है या नहीं। इसके लिए उन्होंने टेस्ट करने के तरीके के बारे में बताया…
स्किन पिंच टेस्ट
अपने हाथ की त्वचा को चुटकी से दबाएं और यदि आपकी त्वचा धीरे-धीरे अपनी स्थिति में चली जाती है, तो इसका मतलब है कि यह डिहाइड्रेशन के कारण है।
टंग चेक
अपनी जीभ को शीशे में देखें। अगर यह सूखी है या उस पर सफेद परत है, तो इसका मतलब है कि आप कम पानी पी रहे हैं।
पसीना और यूरिन कलर टेस्ट
यदि आपको गर्मियों में कम पसीना आ रहा है और पेशाब का रंग गहरा पीला हो रहा है, तो ये डिहाइड्रेशन के लक्षण हो सकते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
रयान फर्नांडो ने सलाह दी अगर आपको ये लक्षण दिखें तो हर हर रोज पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। इसके लिए रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। हैदराबाद के ऑलिव हॉस्पिटल में कंसल्टेंट फिजिशियन और डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. अब्दुल मजीद खान के अनुसार, सिर्फ पानी पीने से मांसपेशियों में ऐंठन की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए पानी के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन मांसपेशियों के दर्द और ऐंठन को कम करने में मदद कर सकता है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।