आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में शरीर का दर्द, मांसपेशियों में जकड़न और थकान एक आम समस्या बन चुकी है. लंबे समय तक बैठकर काम करना, मोबाइल और कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल, गलत बैठने की आदत, कम शारीरिक गतिविधि और तनाव भरी जीवनशैली भी इसके बड़े कारण हैं. ऐसे में कई लोग दवाइयों की बजाय प्राकृतिक और वैकल्पिक उपचार की तरफ रुख करते हैं, ताकि नेचुरली इस समस्या से राहत मिल जाए, इन्हीं में से एक है कपिंग थेरेपी. यह थेरेपी आज के वक्त में बहुत मशहूर है और कई लोग इसे कराते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कपिंग थेरेपी किन लोगों को करवानी चाहिए और किन्हें इससे बचना चाहिए? आइए जानते हैं इस थेरेपी के बारे में कुछ अहम बातें.
यह भी पढ़ें: रोटी-पराठे से हटकर बनाएं महाराष्ट्र का क्रिस्पी थालीपीठ, हेल्दी भी और स्वाद में भी शानदार
---खबर नीचे जारी है---
कपिंग थेरेपी क्या है और यह कैसे काम करती है? What Is Cupping Therapy
यह एक प्राचीन उपचार पद्धति है, जिसका उपयोग हजारों साल पहले मिस्र और चीन में किया जाता था. इस थेरेपी में त्वचा पर खास कप लगाकर वैक्यूम बनाया जाता है, जिससे रक्त संचार बेहतर होता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है. मुख्य रूप से यह दो प्रकार की होती है- ड्राई कपिंग और वेट कपिंग. ड्राई कपिंग में सिर्फ सक्शन का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि वेट कपिंग में त्वचा पर बहुत हल्के चीरे लगाकर खून निकालने की प्रक्रिया भी शामिल होती है.
---खबर नीचे जारी है---
कपिंग थेरेपी किन लोगों के लिए फायदेमंद है Cupping Therapy Benefits
---खबर नीचे जारी है---
- लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोग, जिन्हें गर्दन और पीठ दर्द रहता है.
- खिलाड़ियों या जिम करने वाले लोग, जिन्हें मांसपेशियों की थकान होती है.
- बार-बार सिरदर्द या माइग्रेन से परेशान लोग.
- जोड़ों के दर्द या आर्थराइटिस के मरीज.
- सांस से जुड़ी हल्की समस्याएं जैसे एलर्जी या सर्दी-जुकाम वाले लोग.
- तनाव और थकान से राहत पाने की चाह रखने वाले लोग.
माना जाता है कि, यह थेरेपी मांसपेशियों को आराम देने, सूजन कम करने और शरीर को रिलैक्स महसूस कराने में मदद कर सकती है.
---खबर नीचे जारी है---
किन लोगों को कपिंग थेरेपी से बचना चाहिए? Cupping Therapy Side Effects
---खबर नीचे जारी है---
यह थेरेपी भले ही फायदेमंद है, लेकिन सभी के लिए यह सही नहीं होती. कुछ लोगों को इसे करवाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए:
- जिन लोगों को खून बहने से जुड़ी बीमारी (ब्लीडिंग समस्या) है.
- जो खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं.
- जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील है या स्किन पर घाव या संक्रमण है.
- गर्भवती महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह के यह थेरेपी न करवाएं.
- गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग पहले विशेषज्ञ से सलाह लें.
ध्यान रखें, कपिंग थेरेपी करवाने से पहले किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ से ही उपचार करवाएं. सही जानकारी और सावधानी के साथ यह थेरेपी कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है.
यह भी पढ़ें: क्या मोबाइल के इस्तेमाल से बढ़ता है ब्रेन ट्यूमर का खतरा? जानिए क्या है पूरा सच और इस बीमारी के शुरुआती लक्षण
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.