Nahay Khay Lauki Bhaat Recipe: छठ पूजा का पर्व शुद्धता, आस्था और सूर्य देव की आराधना का प्रतीक माना जाता है. इस पावन पर्व की शुरुआत होती है नहाय खाय से जहां भक्त नदी या तालाब में स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं. इस दिन का मुख्य प्रसाद होता है लौकी और भात, जिसे पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ बनाया जाता है. यह व्यंजन न केवल सादा और पवित्र होता है, बल्कि स्वाद में भी बेहद लाजवाब लगता है. अगर आप भी इस छठ पूजा पर पारंपरिक ढंग से नहाय खाय मनाना चाहते हैं, तो जानिए लौकी और भात बनाने की सरल और शुद्ध विधि.
नहाय खाय प्रसाद रेसिपी | Nahay Khay Prashad Recipe
सामग्री
- लौकी – 1 मध्यम आकार की (छिली और टुकड़ों में कटी हुई)
- चावल – 1 कप (धोकर 15–20 मिनट के लिए भिगोए हुए)
- देसी घी – 1 बड़ा चम्मच
- सेंधा नमक – स्वादानुसार
- पानी – आवश्यकतानुसार
- हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी हुई, अगर व्रत में खाते हों)
छठ पूजा के नहाय खाय में प्याज-लहसुन और सामान्य नमक का उपयोग नहीं किया जाता. केवल सेंधा नमक और शुद्ध घी का प्रयोग किया जाता है.
बनाने की विधि
सबसे पहले लौकी को धोकर छील लें और छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. एक साफ और शुद्ध बर्तन में देसी घी गर्म करें. उसमें लौकी डालकर हल्का सा भून लें ताकि उसमें से कच्चापन दूर हो जाए. अब इसमें धोए हुए चावल डालें और 1–2 मिनट तक चलाते हुए हल्का सा भून लें. चावल और लौकी की मात्रा के अनुसार लगभग 2–2½ कप पानी डालें. फिर सेंधा नमक मिलाएं. ढककर मध्यम आंच पर 10–12 मिनट तक पकाएं. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि चावल नीचे न लगे. जब लौकी और चावल दोनों अच्छे से गल जाएं और पानी सूख जाए, तो गैस बंद कर दें. लौकी-भात को ठंडा होने दें और फिर इसे छठ मइया को अर्पित करें. बाद में परिवार के सभी सदस्य इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.
लौकी-भात प्रसाद को मिट्टी या पीतल के बर्तन में बनाना शुभ माना जाता है. इससे प्रसाद की पवित्रता और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं.