उबला हुआ चना या भीगा हुआ चना कौन सा बेहतर है? जानिए किसे बनाना चाहिए डेली डाइट का हिस्सा

Uble Chane Vs Bhige Chane: चने को खाने का सही तरीका क्या है, चना खाने के क्या फायदे होते हैं और उबले चने खाने चाहिए या फिर भीगे चने, जानिए यहां. आप इस तरह अपनी डाइट में चने को शामिल कर सकते हैं.

Boiled Vs Soaked Chana

उबले चने खाने चाहिए या भीगे हुए चने?

Boiled Vs Soaked Chana: काले चने भारत में खूब खाए जाते हैं. कुछ लोग इसे उबालकर खाना पसंद करते हैं तो कुछ इसे भिगोकर सुबह के समय खाते हैं. चने की तरी वाली सब्जी और चना चाट भी कुछ कम पसंद नहीं की जाती है. चने (Chickpease) खाने पर पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और यह स्वाद में भी अच्छा है इसीलिए लोगों की डाइट का हिस्सा भी बनता रहता है. चने के फायदे भी अनेक होते हैं. लेकिन, अक्सर ही लोगों को चने को लेकर यह कंफ्यूजन होती है कि उन्हें चने उबालकर खाने चाहिए या फिर इसे भिगोकर खाना ही बेहतर है. ऐसे में चलिए आपकी इस उलझन को दूर करते हैं.

विज्ञापन
विज्ञापन

चना खाने के क्या फायदे होते हैं

100 ग्राम चने में 164 कैलोरी, 27.4 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स, 7.6 ग्राम फाइबर, 8.9 ग्राम प्रोटीन, 2.6 ग्राम फैट और 2.89 एमजी आयरन और 291 एमजी पौटेशियम होता है. इसके अलावा चने से शरीर को फॉस्फोरस, फोलेट और मैग्नीशियम भी मिलते हैं.

कम होता है वजन – चने खाने पर वजन कम होने में मदद मिलती है. चने में प्रोटीन और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है जिस चलते चने खाने पर पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है और देर तक भूख ना लगने के चलते एक्सेस फूड इंटेक कम होता है.

विज्ञापन

पाचन अच्छा रहता है – चने में मौजूद डाइटरी फाइबर पाचन को अच्छा रखते हैं. चना स्टूल में भारीपन भी डालता है जिससे कब्ज जैसी दिक्कतें दूर होती हैं.

ब्लड शुगर कंट्रोल होती है – चने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है. वहीं, इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जिस चलते यह ब्लड शुगर लेवल्स (Blood Sugar Levels) को स्टेबलाइज करने में मदद करता है.

विज्ञापन

दिल की सेहत को फायदा – चने के सेवन से दिल की सेहत को भी फायदा मिलता है. इसमें मौजूद फाइबर, पौटेशियम और मैग्नीशियम हेल्दी हार्ट को सपोर्ट करते हैं. चने खाने पर कॉलेस्ट्रोल मैनेजमेंट में भी मदद मिल सकती है.

एनर्जी लेवल्स अच्छे रहते हैं – चने में मौजूद आयरन हीमोग्लोबिन बनाने में मददगार होता है. यह शरीर में ऑक्सीजन के फ्लो को बेहतर बनाता है. इससे शरीर में एनर्जी बनी रहती है.

विज्ञापन

हड्डियों के लिए फायदेमंद – चने के सेवन से हड्डियों को भी फायदा मिलता है. चने में मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे खनिज होते हैं जो हड्डियों की सेहत अच्छी रखने में मददगार होते हैं.

उबले चने खाएं या भीगे चने

विज्ञापन

भीगे और उबले चने दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. चने भिगो दिए जाएं तो यह मुलायम हो जाते हैं. चने भिगोने के बाद अगर खाए जाएं तो ये तुरंत पक जाते हैं. बहुत से लोगों को उबले चने (Uble Chane) खाने पर महसूस होता है कि ये चने भुने हुए चने के मुकाबले ज्यादा अच्छे से पक जाते हैं. उबले हुए चने आसानी से तैयार हो जाते हैं और इन्हें चाट, सलाद, करी या सैंडविच वगैरह में डालकर खाना आसान होता है.

अगर आपको क्रंची और कच्चेपन के टेक्सचर के साथ चना खाना पसंद है तो आप भीगे चने खा सकते हैं. भीगे चने सुबह के समय एनर्जी के लिए और लंबे समय तक पेट भरा रखने के लिए खाए जा सकते हैं.

विज्ञापन

उबले हुए चने उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन हैं जिनका पेट सेंसिटिव है. उबले चने पचाना आसान है और इसे अलग-अलग तरह से खाया जा सकता है.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ