Alcohol Benefits and Side Effects: शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। लेकिन फिर भी दुनियाभर में लोग बड़ी संख्या में इसका सेवन करते हैं। कहते हैं दोस्तों के साथ शराब पीना उत्साहित करता है और खुशी देता है, तो वहीं, जो अकेले शराब पीते हैं, वो दुख और तकलीफ में होते हैं। शराब ऐसी चीज है जो दिमाग को थोड़ा आनंदित कर देती है, तो कई बार शराब दुख को भी और बढ़ाती है। शराब पीने से दिमाग पर असर पड़ता है, यह बात सच है, लेकिन इसका दिमाग पर असर आपके आसपास के सामाजिक वातावरण से भी बदलता है। चलिए समझते हैं रिसर्च में क्या बात पाई गई है।
कैसे हुई थी रिसर्च?
टेक्सास विश्वविद्यालय में एल पासो के जीववैज्ञानिक क्यूंग हान द्वारा यह रिसर्च मक्खियों पर की गई थी। उन्होंने मक्खियों के दो समूह बनाए थे, जिसमें एक मक्खियों के समूह को एकसाथ रखा गया था और दूसरे समूह की मक्खियों को अलग-अलग रखा था। मक्खियां मानव रूप से जुड़े कई अध्ययनों में पहले भी उपयोग में ली गई हैं और सफल रिजल्ट दे चुकी हैं।
इसलिए हान और उनकी टीम ने मक्खियों पर यह टेस्ट किया, जिसमें पाया गया कि जो समूह में रहने वाली मक्खियां थीं, वे एकसाथ होने के कारण ज्यादा प्रतिक्रियाएं दे रही थीं। उनकी गतिविधि में तेजी देखी गई थी। वहीं, जो मक्खियां अकेली थीं, उनमें कम प्रतिक्रिया के साथ-साथ धीमी गति भी मापी गई थी। इन मक्खियों को इथेनॉल वाष्प में रखा गया था।
और क्या पाया गया?
रिसर्च के अनुसार, इथेनॉल में दोनों प्रकार की मक्खियां प्रतिक्रिया करती हैं। हालांकि, मक्खियों की प्रतिक्रिया और गतिविधि धीमी या तेज हो सकती है, मगर दोनों ही अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रही थीं।

drinking alone
इंसानों में भी है ऐसा
जी हां, हान की रिसर्च में लोगों से बातचीत करने पर पाया गया कि जो लोग ग्रुप में या अपने दोस्तों के साथ शराब पीते हैं, उनके अंदर डोपामाइन हार्मोन का रिलीज ज्यादा होता है, जिससे वे ज्यादा उत्साहित और खुश रहते हैं। वहीं, अकेले शराब पीने वाले लोगों से बातचीत में पाया गया कि इंसान के दिमाग में जब किसी प्रकार का दुख या तनाव रहता है, तो खुद ही अकेले पीने का मैसेज उन तक पहुंचा देता है। इस कारण वे अकेले शराब पीते हैं और उनका दुख भी बढ़ने लगता है।
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