मुख्य बिंदु

  • हाल के हफ्तों में लेट नाइट फूड डिलीवरी की डिमांड में 12-15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
  • युवा ग्राहकों की बदलती खान-पान और सोने की आदतें लंबे समय की ग्रोथ को बढ़ावा दे रही हैं.
  • बड़े शहरों में रेस्टोरेंट के खुलने का समय रात 3 बजे या उससे भी ज्यादा देर तक बढ़ा दिया गया है.
  • पिज्जा, बर्गर, आइसक्रीम, चॉकलेट और स्नैक्स रात के समय सबसे ज्यादा ऑर्डर किए जाने वाले आइटम हैं.
  • भारत के बढ़ते फूड-सर्विस मार्केट से रात भर चलने वाली डिलीवरी सर्विस को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

Why Late Night Food Delivery Surges in India: भारत में लेट नाइट फूड डिलीवरी का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है. इसकी वजह युवाओं की बदलती जीवनशैली और बड़े इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट्स के दौरान बढ़ी हुई मांग है. फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म, क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) चेन और क्विक-कॉमर्स कंपनियों ने देर शाम से सुबह के बीच आने वाले ऑर्डर में काफी बढ़ोतरी देखी है.

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डिमांड में कितना इजाफा?

इंडस्ट्री के अंदाजे के मुताबिक, हाल के हफ्तों में देर रात और सुबह-सुबह खाने के ऑर्डर में 12-15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. हालांकि नॉर्थ अमेरिकन टाइम जोन में खेले जाने वाले इंटरनेशनल फुटबॉल मैचों ने आधी रात को स्नैक्स खाने को बढ़ावा दिया है, लेकिन कंपनियों का कहना है कि काम के बदलते शेड्यूल और सोने की आदतों की वजह से पिछले एक साल से मांग लगातार बढ़ रही थी.

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कई फूड आउटलेट्स की टाइमिंग बढ़ी

रेस्टोरेंट चलाने वालों ने देखा है कि कई युवा ग्राहक अब पहले के मुकाबले काफी देर से रात का खाना खाते हैं; कुछ तो रात 2 या 3 बजे तक जागते रहते हैं. इस डिमांड को पूरा करने के लिए, दिल्ली-NCR, लखनऊ, जयपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई जैसे शहरों में कई आउटलेट्स ने अपने खुलने का समय बढ़ा दिया है. कुछ तो रात 3 बजे तक या चौबीसों घंटे खुले रहते हैं.

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हाइवे पर भी बढ़ी डिमांड

देर रात के मेन्यू में पिज्जा, बर्गर, आइसक्रीम, फ्रोजन स्नैक्स, चॉकलेट और ड्रिंक्स जैसी चीजें ज्यादा पसंद की जाती हैं. क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को भी इस ट्रेंड से फायदा हुआ है, क्योंकि वो रात के समय पैक्ड फूड, डेयरी प्रोडक्ट्स और तुरंत खाए जा सकने वाले (रेडी-टू-ईट) आइटम डिलीवर करते हैं. यहां तक की हाइवे पर काफी फूड सर्विसेज और रेस्टोरेंट खुल गए हैं जो इन डिमांड्स को पूरा कर रहे हैं.

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डिलीवरी पार्टनर्स की कमी

कंपनियों का कहना है कि रात में डिलीवरी सर्विस को डेटा-बेस्ड इन्वेंट्री प्लानिंग से मदद मिलती है, हालांकि डिलीवरी पार्टनर कम होने की वजह से ग्राहकों को थोड़ा ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है. कई बिजनेस, जिन्होंने शुरू में चुनिंदा जगहों पर रात में डिलीवरी की टेस्टिंग की थी, अब इस सर्विस को दूसरे शहरों में भी बढ़ा रहे हैं.

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छोटे शहरों में भी बढ़ी मांग

मार्केट एनालिस्ट का मानना ​​है कि भारत की बढ़ती फूड-सर्विस इंडस्ट्री, ऑर्डर की बढ़ती संख्या और टियर-2 शहरों से बढ़ती डिमांड इस ट्रेंड को आगे भी बढ़ावा देती रहेगी. जैसे-जैसे ग्राहकों की लाइस्टाइल बदल रही है, उम्मीद है कि लेट नाइट फूड डिलीवरी देश के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन फूड इकोसिस्टम का एक परमानेंट फीचर बन जाएगा.

निष्कर्ष

रात भर फूड डिलीवरी की डिमांड भारत के फूड इंडस्ट्री में एक अहम ट्रेंड बन रही है. बदलती लाइफस्टाइल, काम के लचीले समय और डिजिटल ऑर्डरिंग की बढ़ती आदतों के कारण रेस्टोरेंट और डिलीवरी प्लेटफॉर्म रात भर अपनी सर्विस बढ़ाने के लिए एनकरेज हो रहे हैं. जैसे-जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर और डिलीवरी नेटवर्क बेहतर हो रहे हैं, उम्मीद है कि ग्राहकों की बदलती पसंद को पूरा करने में देर रात की फूड सर्विस और भी बड़ा रोल निभाएंगी.