भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर का दिन काफी उठापटक भरा रहा. बाजार में सुबह अच्छी शुरुआत के बाद अचानक बिकवाली का भारी दबाव देखा गया और सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर (High) से 1,100 से अधिक अंक तक धड़ाम हो गया. वहीं निफ्टी फिसलकर 22,450 के स्तर से नीचे चला गया. बाजार में चौतरफा बिकवाली के माहौल में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों पर सबसे ज्यादा गाज गिरी. जानिये अचानक शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कौन से मुख्य कारण हैं.
बाजार का हाल: क्या रहा आज का आंकड़ा?
सेंसेक्स करीब 627 अंक (0.86%) गिरकर 72,622 पर और निफ्टी लगभग 249 अंक (1.1%) टूटकर 22,438 के स्तर पर आ गया. बाजार में जहां सिर्फ 519 शेयरों में तेजी देखी गई, वहीं 3,245 शेयर लाल निशान (बिकवाली) में बंद हुए. निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3% से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई, जबकि मिडकैप इंडेक्स भी लगभग 1.4% टूट गया.
कौन से शेयर टूटे, कौन संभाले?
हिंडाल्को इंडस्ट्रिज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाइटन जैसे बड़े शेयरों में 2% से ज्यादा की गिरावट रही. हालांकि, टीसीएस (TCS) 3% चढ़कर टॉप गेनर रहा और इंफोसिस व रिलायंस ने बाजार को संभालने की कोशिश की.
बाजार में अचानक गिरावट के 3 मुख्य कारण
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली:
विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार अपना पैसा निकाल रहे हैं. पिछले कारोबारी सत्र (22 अक्टूबर) में भी FIIs ने ₹3,459 करोड़ के शेयर बेचे. हालांकि घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹2,891 करोड़ की खरीदारी की, लेकिन यह विदेशी बिकवाली के दबाव को रोकने के लिए नाकाफी साबित हुई.
- कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उबाल:
सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल $113.5 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए कच्चा तेल महंगा होने से देश में महंगाई बढ़ने और कंपनियों का मुनाफा घटने की आशंका से बाजार में घबराहट फैल गई.
- इंडिया विक्स (India VIX) में उछाल:
बाजार में अनिश्चितता और डर को दर्शाने वाला इंडिया विक्स (India VIX) 8% बढ़कर 17 पर पहुंच गया. विक्स में बढ़ोतरी इस बात का साफ संकेत है कि निवेशक आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव की आशंका जता रहे हैं.
मार्केट एक्सपर्ट्स अविनाश गुप्ता के मुताबिक, निफ्टी का 22,800 के नीचे बने रहना तकनीकी रूप से कमजोरी का संकेत है. जब तक निफ्टी 22,800 के ऊपर मजबूती से बंद नहीं होता, तब तक बाजार में तेजी लौटना मुश्किल है.