डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन की अध्यक्षता में शनिवार को चेन्नई स्थित अन्ना अरिवालयम में हुई सांसदों की बैठक में चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर चार प्रस्ताव पारित किए गए. पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, SIR रद्द करने, छात्र-युवा आंदोलनों को समर्थन देने और चुनावी सुधारों के लिए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने का फैसला किया. बैठक में लोकसभा के 22 और राज्यसभा के 8 डीएमके सांसदों ने भाग लिया.
डीएमके ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिससे उनके मतदान के अधिकार प्रभावित हुए हैं. पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों की जांच कराने और उन्हें पद से हटाने की मांग की.
बैठक में SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्र एवं युवा संगठनों को समर्थन देने का भी प्रस्ताव पारित हुआ. डीएमके ने आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ कथित दमनात्मक कार्रवाई पर सवाल उठाए. पार्टी ने कांग्रेस और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) पर SIR के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया.
चुनावी सुधारों की मांग करते हुए डीएमके ने SIR रद्द कर पुरानी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग की. साथ ही EVM की विश्वसनीयता और EVM-VVPAT आंकड़ों में कथित अंतर पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की पैरवी की. पार्टी के सांसद इन मांगों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपेंगे.