Cylone Montha Weather Forecast: दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव क्षेत्र चक्रवात मोंथा में बदल रहा है. आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहे चक्रवात को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 26 में से 23 जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें मूसलाधार बारिश, तेज़ हवाएं और संभावित बाढ़ की चेतावनी दी गई है. 28 अक्टूबर की शाम को काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच लैंड स्लाइड हो सकती है. तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग की वार्निंग
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के कारण अगले दो से तीन दिनों तक ओडिशा में भारी वर्षा होगी, जिससे दक्षिणी जिलों के सबसे अधिक प्रभावित होने की संभावना है. आईएमडी भुवनेश्वर की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती के अनुसार, चक्रवात उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. जब चक्रवात जमीन पर आएगा तो हवा की गति 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहने की उम्मीद है तथा हवा के झोंके 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. 30 अक्टूबर से मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, देवगढ़ और संबलपुर जिलों में हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है.
पीएम मोदी ने सीएम नायडू से बात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात मोंथा को लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से बात की. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश को प्रधानमंत्री कार्यालय से समन्वय करने का निर्देश दिया गया. सीएम नायडू ने रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (आरटीजीएस) में आपात बैठक कर अधिकारियों को बारिश और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने उन जगहों पर अग्रिम कार्रवाई के आदेश दिए, जहां बारिश और बाढ़ की आशंका है. उन्होंने अधिकारियों को फसलों को नुकसान से बचाने के लिए नहरों के किनारों को मजबूत करने का निर्देश दिया. मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे 30 अक्टूबर तक तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश एवं यानम (पुडुचेरी) के तटों के साथ-साथ ओडिशा तट पर समुद्र में न जाएं.
चक्रवाती तूफान को लेकर बोले मौसम विज्ञानी प्रदीप जॉन?
मौसम विज्ञानी प्रदीप जॉन ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अगर यह निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर की ओर बढ़ता है तो चेन्नई में बहुत ज़्यादा बारिश नहीं होगी. अगर तूफ़ान तमिलनाडु तट से आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ता है तो चेन्नई में अनुमानित बाढ़ के बजाय केवल मध्यम बारिश ही होगी. इस स्थिति का मतलब यह भी होगा कि तमिलनाडु के बाकी हिस्सों में व्यापक बारिश नहीं होगी. केरल-कन्याकुमारी और नीलगिरी में केवल छिटपुट बारिश होगी.