मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान सरकार नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्यव्यापी अभियान ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ का दूसरा चरण 5 जनवरी से शुरू हो चुका है. इस अभियान का मकसद नशे से जूझ रहे लोगों को उससे बाहर निकालना है.
इस अभियान में मान सरकार ने गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताया. बच्चों, युवाओं और परिवारों को समझाया कि नशा स्वास्थ्य, पढ़ाई और भविष्य के लिए कितना हानिकारक है. इससे खुद को तो नुकसान होता ही है साथ ही इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है.
सीएम मान ने नशा छोड़ चुके युवाओं को इस अभियान में शामिल किया, ताकि वे अपने अनुभव को नशा करने वाले लोगों को बताएं जिससे वे नशा छोड़कर अपना जीवन जीने के लिए तैयार हो सकें. पंचायत और विभाग के कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे लोगों तक सही जानकारी पहुंचाएं.
मान सरकार ने यह भी साफ किया कि नशीले पदार्थों को बेचने वाले लोगों और दलालों के खिलाफ कड़ा कानून लागू किया जाएगा. ताकि ये लोग नशे को न फैला सकें. पहले चरण में हजारों तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दूसरे चरण में भी कार्रवाई जारी रहेगी.
मंत्री तरुणप्रीत सोंड ने कहा कि यह अभियान न केवल नशे से लड़ाई है, बल्कि पंजाब को सुरक्षित और नशामुक्त बनाने की दिशा में मान सरकार का एक बड़ा कदम है जिससे पंजाब को एक नई दिशा मिलेगी.










