पुणे म्युनिसिपल कारपोरेशन चुनावों में बीजेपी ने ईस्ट पुणे को अपनी प्रमुख लड़ाई का क्षेत्र बना दिया है. पार्टी अपने उम्मीदवारों के प्रचार में पूरी ताकत झोंक रही है और इस बार रणनीति का केंद्र युवा और शिक्षित नेतृत्व है, जिसे देवा भाऊ के तर्ज पर पेश किया जा रहा है.
केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ ने सुरेंद्र पठारे की प्रशंसा करते हुए उन्हें शिक्षित, सक्षम और दूरदर्शी नेता बताया. मोहोळ ने कहा, “पठारे जैसे युवा नेता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के विकसित महाराष्ट्र 2047’ विज़न के अनुरूप नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे. ईस्ट पुणे में उनका नेतृत्व क्षेत्र के विकास को नई गति देगा.”
मोहोळ ने स्पष्ट किया कि ईस्ट पुणे में बुनियादी ढांचे, सड़क संपर्क और शहरी योजनाओं को लेकर बीजेपी का एजेंडा तेज़ी से लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पठारे की अगुवाई में विकास की प्रक्रिया नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप होगी और क्षेत्र में सत्ता और प्रशासन का समन्वय सुनिश्चित होगा.

सुरेंद्र पठारे ने चुनावी सभा में जोर देकर कहा कि उनका अभियान नागरिकों की वास्तविक जरूरतों पर आधारित है. उन्होंने कहा, “ईस्ट पुणे का विकास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ विज़न के अनुसार ही होगा. हमारा लक्ष्य ऐसा विकास है जो आम नागरिक अपने रोज़मर्रा के जीवन में महसूस कर सकें.”
पठारे ने ईस्ट पुणे में चल रहे बुनियादी ढांचा सुधारों का जिक्र किया, जिनमें मेट्रो विस्तार, सड़क संपर्कों में सुधार, रिंग रोड परियोजना और बढ़ती आईटी उद्योग नेटवर्क शामिल हैं. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र शहर का नया विकास कॉरिडोर बन रहा है और जनता सतत और लोगों-केंद्रित विकास की उम्मीद रखती है.
उन्होंने चेतावनी भी दी कि क्षेत्र में विकास की गति बढ़ाने के लिए केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर समन्वित नेतृत्व जरूरी है. पठारे ने कहा, “हमारा मानना है कि भाजपा की संगठित रणनीति और युवा नेतृत्व से ईस्ट पुणे में विकास और तेज़ होगा. यही कारण है कि इस क्षेत्र की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हैं.”कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग पुणे (COEP) के स्वर्ण पदक विजेता सुरेंद्र पठारे हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए और अब अपने चुनावी अभियान में पूरी ताकत झोंक रहे हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके युवा और शिक्षित नेतृत्व ने ईस्ट पुणे में संगठन को मजबूती दी है और विपक्ष के लिए चुनौती बढ़ाई है.
राजनीतिक गतिविधियां तब और तेज़ हो गईं जब सुरेंद्र पठारे और उनकी पत्नी ऐश्वर्या पठारे दोनों बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं. सुरेंद्र पठारे वार्ड नंबर 4 से और ऐश्वर्या पठारे वार्ड नंबर 3 से जनता से सक्रिय संपर्क कर रहे हैं. ईस्ट पुणे में शहरी बुनियादी ढांचा, सुशासन और दीर्घकालिक विकास इस चुनाव के मुख्य मुद्दे बनकर उभरे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस क्षेत्र में पीएमसी चुनाव की चुनौती BJP और अन्य दलों के बीच मुकाबले की गर्मी को और बढ़ा रही है.










