अदाणी डिजिटल के डायरेक्टर, जीत अदाणी ने मंगलवार को विशाखापत्तनम में गूगल क्लाउड इंडिया AI हब की नींव रखी, और भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य के लिए एक बड़ा रोडमैप बताया. वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, उन्होंने बताया कि यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट AI के दौर में भारत की ग्रोथ को पावर देने के लिए एनर्जी, डेटा और कनेक्टिविटी को जोड़ेगा.
प्लान के बड़े होने पर जोर देते हुए, जीत अदाणी ने बताया कि जहां आज भारत में लगभग 1.3 GW डेटा सेंटर कैपेसिटी है, वहीं विशाखापत्तनम में एक ही जगह के लिए 1 GW तक का प्लान है. इस बात पर जोर दिया गया कि दुनिया की AI रेस तेजी से एक इंफ्रास्ट्रक्चर रेस बनती जाएगी जिसमें सिर्फ सॉफ्टवेयर के बजाय एनर्जी, कंप्यूटिंग कैपेसिटी और कनेक्टिविटी शामिल होगी.
उन्होंने दोहराया कि एनर्जी AI इकोसिस्टम का मुख्य हिस्सा बनी रहेगी. उन्होंने आगे कहा कि इंटेलिजेंस की कीमत एनर्जी की कीमत में बदल जाती है. भारत, जो एनर्जी और एग्जिक्यूशन दोनों के मामले में लीडर है, AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भी आगे रह सकता है.
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की एक बड़ी कामयाबी विशाखापत्तनम में अंडरसी केबल और लैंडिंग स्टेशन बनाना है, जो इस शहर को भारत का डिजिटल गेटवे बना देगा. इससे मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में पहले डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस करने के उलट, तेज कनेक्शन बनाने और AI-बेस्ड टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलेगी.
उन्होंने आगे कहा कि एक और ज़रूरी बात दूर की सोचने वाले लीडर्स की मौजूदगी है, जिन्होंने ऐसा माहौल बनाया है जो तेजी से एक्शन लेने, मकसद की साफ समझ और अच्छे से एग्जिक्यूशन पर फोकस करने में मदद करता है. इकोसिस्टम बनाने से भारत को इनोवेशन और इन्वेस्टमेंट का हब बनाने में मदद मिलेगी.
अदाणी ग्रुप ने एनर्जी जेनरेशन, ट्रांसमिशन, डिजिटाइजेशन और डेटा सेंटर्स के स्टोरेज के लिए एक इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म बनाने के लिए $100 बिलियन का इन्वेस्टमेंट किया है. इस प्रोजेक्ट का मकसद AI के फील्ड में अपने बड़े प्लान्स के लिए भारत में सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है.
इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI का अफोर्डेबल होना, इसे बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए ज़रूरी होगा. उन्होंने कहा कि एनर्जी की बचत सीधे कंप्यूटिंग में लागत बचत में बदल जाएगी, जिससे ज्यादा लोगों को नई टेक्नोलॉजी का एक्सेस मिलेगा, जिससे सभी का विकास होगा.
अपनी बात खत्म करते हुए, जीत अदाणी ने कहा कि भारत इंटेलिजेंस तक एक्सेस बढ़ाकर इसे डेमोक्रेटाइज करेगा. उन्होंने कहा, ‘क्योंकि AI की असली ताकत इस बात से मापी जाएगी कि इसका कितना बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा सकता है.’
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