यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे सेक्टर-21 में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी, उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है. एक हजार एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना को जून, 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस फिल्म सिटी को प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक दिशा बदलने वाली परियोजना के रूप में देख रही है. इस फिल्म सिटी के बन जाने से उत्तर प्रदेश फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा. फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि योगी सरकार की इस परियोजना के पूरा होने के बाद एंटरटेनमेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव आएगा.
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा परियोजना की निगरानी के लिए इंजीनियरिंग एजेंसी और चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों के चयन हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं, जिसे परियोजना के निर्माण चरण में प्रवेश का संकेत माना जा रहा है. इंटरनेशनल फिल्म सिटी को मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के एक समग्र केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां अत्याधुनिक फिल्म स्टूडियो, शूटिंग फ्लोर, पोस्ट प्रोडक्शन यूनिट और फिल्म यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी. उद्देश्य यह है कि फिल्म निर्माण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर संपन्न हो और अन्य राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े.
खास है फिल्म सिटी की लोकेशन
फिल्म सिटी की लोकेशन को इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत माना जा रही है. यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निकटता की वजह से देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं के लिए यहां पहुंचना आसान होगा. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण बड़े प्रोडक्शन हाउस उत्तर प्रदेश में शूटिंग के प्रति आकर्षित होंगे. फिल्मों व वेब सीरीज की शूटिंग के लिए यह आदर्श स्थान होगा.
रोजगार सृजन में भी होगी बड़ी भूमिका
योगी सरकार इस परियोजना को रोजगार सृजन से भी जोड़कर देख रही है. फिल्म सिटी के निर्माण और संचालन से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे. अभिनय, तकनीकी कार्य, कैमरा संचालन, संपादन, सेट डिजाइन और कॉस्ट्यूम डिजाइन जैसे क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं को काम मिलेगा. सरकार का फोकस है कि स्थानीय प्रतिभाओं को प्रदेश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराये जाएं.
पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी गति
फिल्म सिटी के विकास से पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलने की उम्मीद है. सरकार की योजना है कि फिल्म सिटी के आसपास होटल, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों को विकसित किया जाए. इससे फिल्म पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी. इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और सेवा क्षेत्र को मिलेगा.
मजबूत होगी प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान
इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी. प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत को फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान मिलेगी. इससे उत्तर प्रदेश एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा.
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