व्यवसायी इंदरजीत सिंह यादव ने हाल ही में उनके ठिकानों पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तलाशी को लेकर मीडिया में आई रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की नकदी, आभूषण या अवैध सामग्री की बरामदगी नहीं हुई है.
इंदरजीत सिंह यादव के अनुसार, ईडी ने शुक्रवार, 26 दिसंबर को चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया. इनमें गुरुग्राम के एम3एम कॉम्प्लेक्स स्थित दो आवासीय संपत्तियां, निर्वाणा कंट्री स्थित एक स्कूल परिसर और दिल्ली के लॉरेंस रोड पर स्थित जेम (GEM) का कॉर्पोरेट कार्यालय शामिल हैं. यादव ने बताया कि तलाशी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और विधिसम्मत तरीके से पूरी की गई.
यादव ने कहा, “मेरे परिसरों से ₹100 तक नकद जब्त नहीं किया गया. केवल दो से तीन कंप्यूटर सिस्टम नियमित जांच के उद्देश्य से लिए गए हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि तलाशी से संबंधित पंचनामा सार्वजनिक करने के लिए वह तैयार हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांति न रहे.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सभी चल एवं अचल संपत्तियां पूरी तरह घोषित हैं और पैन से जुड़ी हुई हैं. यादव के अनुसार, सभी संपत्तियां बैंकिंग चैनलों और विधिवत दर्ज ऋणों के माध्यम से अर्जित की गई हैं. उन्होंने यह भी बताया कि आयकर विभाग के पास उनके वित्तीय लेन-देन का पूरा ब्योरा पहले से उपलब्ध है, क्योंकि जनवरी में उनके यहां आयकर विभाग द्वारा तलाशी की जा चुकी है.
मीडिया में सामने आ रहे अनुमानित आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए यादव ने कहा कि बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इस तरह की खबरें न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं.
उन्होंने कहा, “यदि तलाशी में कुछ भी बरामद होता, तो वह आधिकारिक दस्तावेज़ों में दर्ज होता. अटकलों के आधार पर चलाए जा रहे मीडिया ट्रायल कानूनी निष्कर्षों का विकल्प नहीं हो सकते.”
उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि वह जांच एजेंसियों से बच रहे हैं. यादव के मुताबिक उनके सभी भारतीय मोबाइल नंबर सक्रिय हैं और उन्हें आज तक ईडी या किसी अन्य जांच एजेंसी की ओर से कोई समन या नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है.
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कानून के तहत की गई तलाशी किसी व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करती. जब्त की गई सामग्री की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाता है.
इंदरजीत सिंह यादव ने कहा कि उन्हें संवैधानिक संस्थाओं पर पूर्ण विश्वास है और वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे. उन्होंने कहा, “सत्य को शोर की आवश्यकता नहीं होती, उसे केवल धैर्य और निष्पक्षता चाहिए.










