आज के समय में लोग अपनी खाली पड़ी प्रॉपर्टी से एक्सट्रा इनकम के नए-नए तरीके सर्च रहे हैं. अगर आपके पास मेन सड़क, बाजार, कॉलोनी या किसी बिजी इलाके में दुकान या कमर्शियल स्पेस है, तो उसे बैंक या एटीएम ऑपरेटर को किराये पर देकर हर महीने अच्छी कमाई की जा सकती है. कई बैंक और व्हाइट लेबल एटीएम कंपनियां नई जगहों पर एटीएम लगाने के लिए प्राइवेट प्रॉपर्टी मालिकों से संपर्क करती हैं और इसके बदले महीन का किराया देती हैं.
ये भी पढ़ें: Belarus Ruble: कितनी मजबूत है बेलारूस की करेंसी? जानिए भारतीय रुपये के मुकाबले बेलारूसी रूबल की ताकत
ATM के लिए कैसी जगह होनी चाहिए?
बैंक और एटीएम कंपनियां ऐसी लोकेशन को प्राथमिकता देती हैं जहां लोगों की आवाजाही ज्यादा हो. मेन बाजार, शॉपिंग एरिया, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल, कॉलेज और सरकारी कार्यालयों के आसपास की जगहों की मांग सबसे ज्यादा रहती है. इसके अलावा, ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद 60 से 100 वर्गफुट का स्पेस एटीएम के लिए सही माना जाता है. वहां बिजली, इंटरनेट और सुरक्षा की सही व्यवस्था भी होनी चाहिए. अगर आप अपनी संपत्ति पर एटीएम लगवाना चाहते हैं, तो सबसे पहले नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क करें. बैंक मैनेजर को एप्लीकेशन देकर अपनी संपत्ति की जानकारी, लोकेशन, फोटो और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं. बैंक की टीम साइट निरीक्षण करती है और जगह सही पाए जाने पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाती है.
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
-संपत्ति के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज
-आधार कार्ड और पैन कार्ड
-प्रॉपर्टी टैक्स रसीद
-एनओसी (अगर जरूरत हो)
-संपत्ति की तस्वीरें
-बिजली और बाकी सुविधाओं का विवरण
कितना मिल सकता है किराया?
एटीएम का किराया पूरी तरह लोकेशन पर निर्भर करता है. बड़े महानगरों में एटीएम स्पेस का किराया 25 हजार से 60 हजार रुपये या उससे ज्यादा हो सकता है. वहीं टियर-2 शहरों में ये 15 हजार से 35 हजार रुपये तक पहुंच सकता है. अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों में भी अच्छी लोकेशन होने पर 8 हजार से 30 हजार रुपये तक मासिक किराया मिल सकता है. बैंक आमतौर पर 5 से 10 साल तक का लीज एग्रीमेंट करते हैं. कई मामलों में हर साल किराये में बढ़ोतरी का नियम भी होता है. एटीएम लगने के बाद मशीन की देखभाल, कैश भरना, तकनीकी मरम्मत, सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी बैंक या एटीएम ऑपरेटर की होती है. एटीएम लगवाने के नाम पर कई धोखाधड़ी के मामले भी सामने आते हैं. बैंक कभी भी एटीएम लगाने के लिए संपत्ति मालिक से प्रोसेसिंग फीस नहीं मांगते. इसलिए किसी एजेंट को एडवांस भुगतान करने से बचें और सिर्फ रजिस्टर्ड बैंक या एटीएम ऑपरेटर से ही संपर्क करें.
ये भी पढ़ें: यूट्यूब चैनल कैसे बनाएं, कितने सब्सक्राइबर के बाद शुरू होगी कमाई? जानिए मॉनेटाइजेशन का पूरा प्रोसेस
संबंधित खबरें
NMIA से बस, टैक्सी और फ्री शटल की सुविधा शुरू; पुणे का किराया मात्र ₹450
1 day agoफाइल स्टेट से एल्गोरिदमिक स्टेट तक, भारत में डिजिटल शासन का बदलता दौर
1 day agoअदाणी ग्रुप हर साल 10,000 को देगा ट्रेनिंग, भुज में ग्रीन एनर्जी सेंटर शुरू
2 days agoजातिवाद बनाम योगी का समावेशी विकास
3 days agoरणबीर और एन चंद्रशेखरन ने लॉन्च की गुरुदेवश्री राकेशजी की बायोग्राफी Beyond
5 days agoयूपीआईटीएस: नया आर्थिक भूगोल गढ़ता उत्तर प्रदेश
5 days agoअनंत अंबानी न्यूकैसल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस नियुक्त
7 days agoअदाणी ग्रुप के धामरा पोर्ट ने रचा इतिहास, देश का पहला मल्टीकार्गो पोर्ट
9 days agoयूपीआईटीएस: दुनिया के सामने योगी का रिपोर्ट कार्ड
10 days agoभारतीय सोशल ऐप की चार देशों में पहुंच, फीड पर यूजर का कंट्रोल
10 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines