बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के लिहाज से रविवार (17 मई) का दिन बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है। अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी कल बिहार के मस्तीचक पहुंचेंगे, जहां वे देश के सबसे बड़े ग्रामीण स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक की आधारशिला रखेंगे। इस खास मौके पर वे भूमि पूजन करके ग्रामीण इलाकों के लिए नेत्र स्वास्थ्य (Eye Health) और कौशल विकास (Skill Development) से जुड़ी नई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत करेंगे।
यह पूरा अभियान अडाणी फाउंडेशन और बिहार के प्रसिद्ध अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल, मस्तीचक के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य उत्तर और मध्य भारत के पिछड़े और ग्रामीण इलाकों तक आंखों का सस्ता और बेहतरीन इलाज पहुंचाना है।
दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण आई केयर नेटवर्क बनाने का लक्ष्य
मस्तीचक में शुरू होने वाली इस नई स्वास्थ्य योजना के तहत न केवल लोगों को उनके घर के पास सस्ता इलाज मिलेगा, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस बुनियादी ढांचे के पूरी तरह तैयार होने के बाद, यह दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्कों में से एक बनकर उभरेगा। यह पहल अडाणी ग्रुप के राष्ट्र निर्माण और सामाजिक विकास के विजन में बिहार की बढ़ती अहमियत को भी रेखांकित करती है।
सेवा ही साधना है के मूलमंत्र से प्रेरित पहल
यह आयोजन अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी के मूलमंत्र सेवा ही साधना है से प्रेरित है। अडाणी परिवार सामाजिक सरोकारों में लगातार बड़ी भागीदारी निभाता रहा है। साल 2022 में गौतम अडाणी के 60वें जन्मदिन पर परिवार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए 60,000 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता जताई थी। इसके बाद अपने बेटे जीत अदाणी की शादी के अवसर पर 10,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त सामाजिक योगदान भी घोषित किया गया था। समूह ने महाकुंभ 2025 में 50 लाख श्रद्धालुओं और पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में 40 लाख भक्तों के लिए भोजन, सफाई और सेवा व्यवस्था का जिम्मा संभाला था।
अखंड ज्योति और अडाणी फाउंडेशन: आंखों के इलाज की क्रांतिकारी पहल
भारत के ग्रामीण और गरीब इलाकों में अंधापन एक बड़ी समस्या है। इस संकट से निपटने के लिए दो बड़े सेवा संगठन साथ आए हैं। साल 2005 में बिहार के एक गांव में महज 30 बिस्तरों से शुरू हुआ यह अस्पताल आज देश का अग्रणी संस्थान है, जो अब तक 14 लाख से अधिक सफल ऑपरेशन करके लोगों की आंखों की रोशनी लौटा चुका है।
अडाणी फाउंडेशन (विजन केयर) का विजन केयर कार्यक्रम पहले से ही 11 राज्यों में सक्रिय है। साल 2024 से अब तक इसके तहत करीब 1.93 लाख लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है और 59,000 से अधिक जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे बांटे गए हैं। दोनों संस्थाओं के साथ आने से इलाज और ट्रेनिंग का एक ऐसा मजबूत ढांचा तैयार होगा, जो गांवों में रहने वाले लाखों लोगों को दृष्टिहीनता के अभिशाप से मुक्ति दिलाएगा और उन्हें एक बेहतर व सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देगा।
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