सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
Author: Mohd Tahleel Chaudhary
2026-02-17 18:40:42
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है.प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा.
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई. क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया. मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी. उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है. मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके.
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है. गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई. उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है.
बैठक में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines