---विज्ञापन---

Information

मान सरकार की बड़ी पहल, कोऑपरेटिव सोसाइटी की जमीन पर अब साफ और कानूनी मालिकाना हक

मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने फैसला किया है कि कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले लोग, जो कई वर्षों से बिना कानूनी कागजों के रह रहे थे, उनकी प्रॉपर्टी रजिस्ट्री को नियमित करने के लिए एक साफ और तय नियम लागू किया जाएगा.

Author Written By: Bhawna Dubey Updated: Jan 16, 2026 11:21
खबर सुनें
News24 एआई आवाज़

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले लोगों की पुरानी कानूनी समस्याओं को दूर करने और उनकी संपत्ति के हक को मजबूत बनाने के लिए बड़े और जनता-हित वाले बदलाव किए हैं. इन सुधारों का लक्ष्य प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को सस्ता, आसान, कानूनी रूप से सुरक्षित और पूरी तरह पारदर्शी बनाना है, साथ ही सरकार को मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी की सही वसूली भी सुनिश्चित करना है.

सीएम भगवंत मान, जो कोऑपरेशन विभाग भी संभालते हैं, के कहने पर सरकार ने यह तय किया है कि कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाले लोग, जिनके घरों की रजिस्ट्री सालों से नहीं हो पाई थी, उनके लिए अब घर खरीदने-बेचने का एक साफ और आसान नियम बनाया जाए और उसे लागू किया जाए.

---विज्ञापन---

मुख्यमंत्री ऑफिस के मुताबिक, कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी ने जो पहले लोगों को प्लॉट या घर दिए थे, उनकी पहली अलॉटमेंट डीड पर अब कोई स्टाम्प ड्यूटी नहीं लगेगी. इन कागजात की रजिस्ट्री सिर्फ बहुत कम फीस देकर हो जाएगी. यही फायदा उनके कानूनी वारिसों, पत्नी-पति और परिवार के योग्य सदस्यों को भी मिलेगा.

रजिस्ट्रेशन को आसान बनाने के लिए मान सरकार ने यह भी फैसला किया है कि जिन लोगों ने प्लॉट या घर बाद में लिया है (यानी पहले मालिक से खरीदा है), उन्हें सीमित समय के लिए स्टाम्प ड्यूटी में बड़ी छूट मिलेगी. अब स्टाम्प ड्यूटी की दर 31 जनवरी 2026 तक सिर्फ 1%, 28 फरवरी 2026 तक 2% और 31 मार्च 2026 तक 3% रखी गई है. इसके बाद सामान्य शुल्क लागू होगा.

---विज्ञापन---

मान सरकार ने लोगों की मदद के लिए कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी द्वारा ली जाने वाली ट्रांसफर फीस पर एक सीमा तय कर दी है, ताकि सोसाइटी मनमानी तरीके से ज्यादा पैसे न वसूल सके. मुख्यमंत्री मान ने सभी निवासियों से कहा है कि जो भी परिवार इस योजना में आते हैं, वे इस सीमित समय वाली राहत का फायदा उठाएं और अपनी प्रॉपर्टी की कन्वेयंस डीड रजिस्टर्ड करवा कर कानूनी मालिकाना हक हासिल करें. यह कदम दिखाता है कि मान सरकार आम नागरिकों की सुरक्षा करना चाहती है और पूरे पंजाब में प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री को साफ, पारदर्शी और कानूनी तरीके से करना चाहती है.

First published on: Jan 16, 2026 10:47 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.