आम आदमी पार्टी ने देश की पहली शिक्षिका माता सावित्री बाई फूल की जयंती पर उनकी जगह अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय की तश्वीर विधानसभा में लगाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. ‘‘आप’’ दिल्ली के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज का कहना है कि दलित आइकॉन की जयंती पर भाजपा ने दो पंडितों के चित्र लगाए. ये ठीक नहीं है. माता साबित्री बाई फूले की जयंती पर भाजपा सरकार को उनकी भी तश्वीर विधानसभा में लगानी चाहिए थी, लेकिन उनकी जगह सिर्फ अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय की तश्वीर लगा कर भाजपा सरकार ने पूरे दलित समाज का अपमान किया है. दलित विरोधी भाजपा की सरकार ने साबित्री बाई फूले की तश्वीर लगाने की मांग करने पर विधायकों पर विशेषाधिकार हनन का मामला भी चलाया, जिसमें कई दलित विधायक भी शामिल हैं.
शनिवार को ‘‘आप’’ मुख्यालय पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बहुत अजीब बात है कि माता सावित्रीबाई फुले की जयंती वाले दिन विधानसभा में पंडित अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय का चित्र लगाया जा रहा है. अगर आज एक दलित आइकॉन का चित्र भी लगता, तो हजारों वर्षों से जो जातिवाद की तोहमत लगती रही है, उस पर एक वार किया जा सकता था. दिल्ली की भाजपा सरकार ने यह मौका भी गंवा दिया और वहां दो ब्राह्मणों का चित्र लगा दिया. इन्हें एक दलित आइकॉन का चित्र लगाने में इतनी तकलीफ है कि विधानसभा में माता साबित्री बाई फूले की तश्वीर लगाने की मांग करने वाले विधायकों के ऊपर विशेषाधिकार हनन का मामला चलाया गया, जिनमें से कुछ विधायक दलित समाज से ही आते हैं.
वहीं, कुलदीप कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले विधानसभा कमेटी की एक मीटिंग हुई थी. उसमें “आप” विधायकों ने प्रस्ताव रखा था कि दिल्ली विधानसभा के अंदर माता सावित्रीबाई फुले का चित्र स्थापित किया जाए. आज उनकी जयंती है. माता सावित्रीबाई फुले ने देश की महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोला था, खूब अत्याचार सहे लेकिन महिलाओं को शिक्षा देनी नहीं छोड़ी और भारत की प्रथम शिक्षिका बनीं.
कुलदीप कुमार ने दुख जताते हुए कहा कि इस मांग को दबाने के लिए कमेटी के सदस्यों और खुद मेरे ऊपर विशेषाधिकार हनन का मामला चलाया गया, लेकिन माता सावित्रीबाई फुले का चित्र वहां नहीं
लगाया गया. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वे दलित और पिछड़े समाज से आती थीं. उन्होंने कहा कि आज विधानसभा के अंदर लाखों रुपये खर्च करके भाजपा की दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार ने
मिलकर अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय का चित्र लगाया है.
कुलदीप कुमार ने कहा कि “आप” को महापुरुषों के चित्र लगने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अगर दलित महापुरुषों का अपमान किया जाएगा और उनसे नफरत की जाएगी, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं
करेंगे. ऐसी पार्टी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो माता सावित्रीबाई फुले का अपमान करती है और उनकी जयंती पर उनका चित्र स्थापित नहीं करती, जबकि अन्य नेताओं के चित्र लगाए जाते हैं.
यह भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है.
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