अयोध्या से शुरू हुई 'आप' की 'रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो' पदयात्रा 10वें दिन पहुंची प्रयागराज
Written By Akarsh Shukla

Written By Akarsh Shukla

आम आदमी पार्टी की उत्तर प्रदेश में चल रही ‘रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा अपने दसवें दिन शुक्रवार को प्रयागराज पहुंच गई. उत्तर प्रदेश के प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में रोजाना हजारों लोग इस पदयात्रा में शामिल हो रहे हैं. अयोध्या से शुरू हुई पदयात्रा प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज पहुंची पदयात्रा में लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ रहा है. घरों, दुकानों और चौपालों से निकलकर लोग अब रोजगार और न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं और यह पदयात्रा एक जन-आंदोलन में बदलती जा रही है.
संजय सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा में युवा, महिलाएं, किसान, बुनकर, मजदूर और छोटे व्यापारी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं. आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षा मित्र, शिक्षा अनुदेशक और पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे कर्मचारी भी बड़ी संख्या में पदयात्रा में शामिल हुए. जब यह पदयात्रा प्रयागराज पहुंची तो लोगों ने बड़ी गर्मजोशी के साथ उसका स्वागत किया. पदयात्रा में उमड़ रहे लोगों के हुजूम को देखकर साफ हो गया है कि उत्तर प्रदेश के लोगों में बेरोजगारी और अन्याय के खिलाफ गुस्सा लगातार बढ़ रहा है.
इस दौरान “आप” के यूपी प्रभारी व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के युवाओं को बेरोजगारी के इतने गहरे अंधेरे में धकेल दिया है कि लाखों डिग्रीधारी नौजवान निराशा में डूबे हैं. भर्ती के हर दरवाजे या तो घोटालों से बंद हैं या पेपर लीक की आग में जल गए हैं. लगातार परीक्षाएं और पेपर लीक के नाम पर हो रहे घपले युवाओं के भविष्य को दलदल में धकेल रहे हैं.
संजय सिंह ने कहा कि 2018 के बाद उत्तर प्रदेश में एक भी शिक्षक भर्ती नहीं हुई. दूसरी ओर सिपाही से लेकर लेखपाल, दरोगा, पीसीएस-जे तक और हाईस्कूल इंटर की परीक्षाओं तक के पेपर लीक हो रहे हैं. नौजवान इतने हताश हो चुके हैं कि कई तो अपनी जान दे चुके हैं.
संजय सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के गलत नीतिगत फैसलों ने किसानों, बुनकरों और लघु कुटीर उद्योगों की कमर तोड़ दी है. महंगी बिजली से बुनकर अपना काम बंद करने को मजबूर हैं. किसानों को फसल का दाम नहीं मिल रहा. छोटे व्यापारियों के प्रतिष्ठान बुलडोजर से ढहाए जा रहे हैं. इसीलिए यह पदयात्रा उन युवाओं की आवाज बन गई है जो रोजगार की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं.
संजय सिंह ने कहा कि दलित, पिछड़े और वंचित समाज पर चौतरफा अत्याचार बढ़ गए हैं. यह देश और प्रदेश किसी बाबा के फरमान से नहीं चलेगा, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान से चलेगा. सरकार को जनविरोधी नीतियां बदलनी होंगी. हमारी यह पदयात्रा बेरोजगार युवाओं, दलितों, पिछड़ों, शोषितों और दबे कुचले समाज की आवाज है.
संजय सिंह ने कहा कि भाजपा देश को बांटने का काम कर रही है और भाईचारा खत्म करना चाहती है. लेकिन आम आदमी पार्टी ऐसा नहीं होने देगी. हमें नफरत से भरा भारत नहीं चाहिए. हमें वह भारत चाहिए, जहां लोग एक दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ें, जहां धर्म और जाति दीवार न बनें बल्कि इंसानियत की पहचान बनें. यह देश मोहब्बत से बना है और मोहब्बत ही इसे बचा सकती है. आम आदमी पार्टी इसी भाईचारे की लड़ाई लड़ रही है.
पदयात्रा में शामिल में लोगों ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फुले और भगत सिंह के पोस्टर लिए हुए थे और बार-बार ‘रोजगार दो, सामाजिक न्याय दो’ के नारे लगा रहे थे. कई जगहों पर महिलाओं ने पदयात्रा पर फूल बरसा कर स्वागत किया, तो कई जगह बच्चों ने नारे लगाए और बुजुर्गों ने आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह पदयात्रा प्रदेश में राजनीतिक बदलाव के साथ ही एक सामाजिक जन जागरण की शुरुआत भी है.
न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on: