Womens Day: भारत में उच्च शिक्षा लेने के लिए महिलाएं जागरूक हो रही हैं। उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। गत वर्षों के मुकाबले 2024 की बात करें तो महिलाओं के नामांकन में 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक हालिया रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है। इसकी तुलना में इसी अवधि के दौरान भारतीय विश्वविद्यालयों में पुरुषों के नामांकन की बात की जाए तो इसमें 3.6 फीसदी की वृद्धि हुई है।
सिखाने और लोगों को रोजगार के लिए तैयार करने के क्षेत्र से जुड़ी कंपनी ‘टीमलीज एडटेक’ की एक रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार 2023 से 2024 तक का डाटा पेश किया गया है। इसमें कुल छात्र नामांकन में लगभग 12 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाई गई है। कार्य संबंधित, कार्य एकीकृत और प्रत्यक्ष प्रवेश (डीए) कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी अब दोगुनी से ज्यादा हो चुकी है। यह 124 प्रतिशत से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। ऐसे कार्यक्रमों में पुरुषों के नामांकन की बात की जाए तो उसमें लगभग 66 फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।
नारी की उभरती आकांक्षाओं का प्रमाण
टीमलीज एडटेक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) शांतनु रूज ने कहा कि यह प्रवृत्ति भविष्य में अच्छे समतापूर्ण कार्यबल के लिए एक ठोस बेस तैयार कर रही है। विश्वविद्यालयों और कार्य-एकीकृत कार्यक्रमों में महिला आवेदकों की संख्या में वृद्धि आज की नारी की उभरती आकांक्षाओं का प्रमाण है।
हमें उच्च शिक्षा के नजरिए से परे इस प्रवृत्ति पर गौर करने की जरूरत है। रूज ने कहा कि हमें सुलभ, उद्योग से संबद्ध शिक्षा में अपना निवेश जारी रखने की आवश्यकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अधिक से अधिक महिलाएं भविष्य के कार्यस्थलों में सफल हों।