हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'तिरंगा मार्च' से ठीक पहले अभिजीत दीपके के घर क्यों पहुंची पुलिस, CJP चीफ को थमाया कौन सा नोटिस?

अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे कई मामलों का जिक्र किया गया है साथ ही, अनुमति लिए बिना कनॉट प्लेस में लोगों को इकट्ठा करने, सार्वजनिक अपील और बयान न देने की अपील की गई है.

विज्ञापन
अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस के इस नोटिस पर साइन कर दिया है. (Photo: X/@AMIT_GUJJU)

दिल्ली के कनॉट प्लेस को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘तिरंगा मार्च’ से पहले किले में तब्दील कर दिया गया है. इस बीच सीजेपी चीफ आभिजीत दीपके के घर तिरंगा मार्च से ठीक पहले दिल्ली पुलिस की एक टीम पहुंची और उन्हें नोटिस थमा दिया. इस नोटिस में अभिजीत दीपके के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे कई मामलों का जिक्र किया गया है साथ ही, अनुमति लिए बिना कनॉट प्लेस में लोगों को इकट्ठा करने, सार्वजनिक अपील और बयान न देने की अपील की गई है. बताया जा रहा है कि अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस के इस नोटिस पर साइन कर दिया है.

दिल्ली पुलिस ने किस कानून के तहत दिया नोटिस?

इस मामले में दिल्ली पुलिस अधिनियम, 1978 की धारा 29 का जिक्र किया गया है. यह कानून पुलिस को सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए जुलूसों, सभाओं और सार्वजनिक स्थानों पर गतिविधियों को नियंत्रित करने से संबंधित निर्देश जारी करने का अधिकार देता है. इसके तहत जुलूस के मार्ग, समय, भीड़ के व्यवहार और सार्वजनिक रास्तों पर होने वाली बाधाओं को नियंत्रित किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: ‘छात्रों की आड़ में अराजकता फैलाने की साजिश’, धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर तीखा हमला

विज्ञापन

इसके अलावा, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर शोर, संगीत और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए भी संबंधित परिस्थितियों में निर्देश दिए जा सकते हैं. इन प्रावधानों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और आम लोगों की आवाजाही में बाधा रोकना है.

कनॉट प्लेस में प्रदर्शन पर क्या होगा असर?

CJP के तिरंगा मार्च से पहले पुलिस की कार्रवाई को प्रदर्शन के आयोजन और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े प्रतिबंधों के संदर्भ में देखा जा रहा है. कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख व्यावसायिक और सार्वजनिक क्षेत्र है, जहां किसी बड़े जमावड़े से यातायात और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे में पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने, रास्ते तय करने और संभावित अवरोध रोकने के लिए कदम उठा सकती है. फिलहाल, तिरंगा मार्च को लेकर पुलिस की सख्ती और CJP प्रमुख को दिए गए नोटिस पर नजर बनी हुई है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: जहां कभी चरते थे मवेशी और होता था जंगली सूअरों का शिकार… आज वहां धड़कता है देश का दिल

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola