रविवार को कतर के फादर अमीर कहे जाने वाले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का निधन हो गया, जिसके बाद भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, ये घोषणा उनके प्रति सम्मान ज़ाहिर करने के लिए की गई है. पीएम मोदी ने भी फादर अमीर के निधन पर गहरा दुख जताया है. आपको बता दें कि राष्ट्रीय शोक के वक्त पूरे देश में जहां तिरंगा फहराया जाता है, वहां वो आधा झुका रहेगा. साथ ही राष्ट्रीय शोक के दिन कोई भी ऑफिशियल मनोरंजन प्रोगाम आयोजित नहीं किए जाएंगे.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: कतर के गैस प्लांट में भीषण विस्फोट, भारतीयों समेत 13 लोगों की मौत, 66 कर्मचारी घायल

---विज्ञापन---

कौन हैं फादर अमीर?

कतर के फादर अमीर यानी शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 1995 से लेकर 2023 तक कतर की कमान संभाली. वो जून 1995 में अपने पिता का तख्तापलट कर खुद कुर्सी पर विराजमान हुए. इस घटना के वक्त उनके पिता स्विट्जरलैंड की यात्रा पर थे. बाद में शेख हमद ने 2013 में खुद की इच्छा से गद्दी छोड़ दी और सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिम हमद अल थानी को थमा दी. फादर अमीर ने इंग्लैंड की जानी-मानी रॉयल मिलिट्री एकेडमी सैंडहर्स्ट से ट्रेनिंग ली थी. उनके राज में कतर ने हर तरह से तरक्की देखी. उन्होंने कतर को दुनिया के सबसे बड़े LNG एक्सपोर्ट्स के मुकाम तक पहुंचाया. सिर्फ इतना ही नहीं, फादर अमीर की सत्ता के वक्त कतर की गिनती सबसे ज्यादा आय वाले देशों में होने लगी.

---विज्ञापन---

अल जज़ीरा की हुई शुरुआत

अल जज़ीरा न्यूज चैनल की शुरुआत 1996 में शेख हमद की सत्ता के दौरान ही हुई, जिसके बाद उसकी गिनती धीरे-धीरे पूरी दुनिया के सबसे दमदार न्यूज नेटवर्क में होने लगी. साथ ही, फादर अमीर की लीडरशिप में कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) ने ग्लोबल लेवल पर बड़े इन्वेस्टमेंट किए. सिर्फ इतना ही नहीं, शेख हमद के नेतृत्व में कतर ने कई बड़े इंटरनेशनल खेलों की मेज़बानी भी की. साल 2022 में कतर ने फीफा वर्ल्ड कप को भी होस्ट किया. कई बड़े विवादों में फादर अमीर की मध्यस्थता भी करवाई और कतर को एक अलग पहचान दिलवाई.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: छोटी-सी जनसंख्या और छोटा-सा आकार, फिर भी बड़े ताकतवर हैं ये देश, जानें सूची में किस-किस का नाम?

---विज्ञापन---