असम विधानसभा चुनाव के मैदान में इस बार सबसे कम उम्र की प्रत्याशी कुंकी चौधरी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के बीच तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है. असम जातीय परिषद की उम्मीदवार कुंकी चौधरी पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने उनकी मां पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सीएम सरमा का दावा है कि कुंकी की मां ने सोशल मीडिया पर बीफ खाने और पाकिस्तान के समर्थन में पोस्ट साझा करके सनातनी भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. इस विवाद ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.

डीपफेक और फर्जी वीडियो का आरोप

मुख्यमंत्री के आरोपों के जवाब में 27 वर्षीय कुंकी चौधरी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और इन दावों को पूरी तरह से गलत बताया है. कुंकी का कहना है कि उनकी मां के खिलाफ प्रसारित की जा रही सामग्री को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच गलतफहमी पैदा करने के मकसद से उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है. शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन वीडियो के पीछे असली साजिश किसकी है.

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कौन हैं युवा उम्मीदवार कुंकी चौधरी?

कुंकी चौधरी गुवाहाटी मध्य निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं और उनका मुकाबला भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार गुप्ता से है. वे लंदन के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कॉलेज से पोस्ट ग्रेजुएट हैं और गुवाहाटी में शिक्षा के क्षेत्र में कई ट्रस्ट और संस्थाएं चलाती हैं. राजनीति में कदम रखने वाली कुंकी का कहना है कि वे अभी नई हैं और भाजपा उनके खिलाफ घटिया रवैया अपना रही है. मुख्यमंत्री के करीबी सोशल मीडिया यूजर्स पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल उन्हें डराने की कोशिश कर रहा है लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगी.

मुख्यमंत्री को दिया व्यंग्यात्मक जवाब

आरोपों के बाद कुंकी ने एक वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तंज कसा और उन्हें घर-घर में मशहूर करने के लिए धन्यवाद दिया. उन्होंने साफ किया कि उनकी मां पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं और वे अपनी लड़ाई कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर लड़ेंगी. असम की सबसे युवा कैंडिडेट होने के नाते कुंकी को युवाओं का समर्थन मिल रहा है जबकि भाजपा इसे सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा बना रही है. फिलहाल पुलिस इस मामले की बारीकी से छानबीन कर रही है कि वायरल हो रहे वीडियो असली हैं या उन्हें तकनीकी रूप से बदला गया है.