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पाकिस्तान से परेशान PoK पर अगर भारत का हो कंट्रोल, तो क्या बदल जाएगा? चीन को लगेगा सबसे बड़ा झटका

अगर किसी दिन PoK भारत के नियंत्रण में आता है, तो इसका सबसे बड़ा असर पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति पर पड़ेगा. कश्मीर मुद्दे को पाकिस्तान लंबे समय से अपनी विदेश और सुरक्षा नीति का केंद्र बनाकर चलता रहा है.

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बीते एक महीने से जारी विरोध प्रदर्शन और अब मतदान के दौरान हुई हिंसा ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. पीओके में जारी पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों ने हालात को तनावपूर्ण बना दिया है. स्थानीय संगठनों का दावा है कि बुनियादी सुविधाओं, महंगाई, बिजली संकट और राजनीतिक अधिकारों की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में कई लोगों की जान जा चुकी है. इसी बीच यह सवाल भी तेज हो गया है कि अगर भविष्य में किसी परिस्थिति में PoK भारत के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है, तो क्या बदल जाएगा और इससे सबसे बड़ा झटका चीन को क्यों लगेगा?

जम्मू-कश्मीर का अभिन्न हिस्सा है PoK

आपको बता दें कि भारत का आधिकारिक रुख हमेशा से स्पष्ट रहा है कि Pok, जम्मू-कश्मीर का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर 1947-48 के युद्ध के बाद पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है. रणनीतिक दृष्टि से यह इलाका बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसकी सीमाएं पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान से मिलती है. इसके अलावा गिलगित-बाल्टिस्तान का इलाका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का प्रमुख हिस्सा है, जिस पर चीन ने अरबों डॉलर का निवेश किया है.

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अगर PoK पर हो भारत का कंट्रोल

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर किसी दिन PoK भारत के नियंत्रण में आता है, तो इसका सबसे बड़ा असर पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति पर पड़ेगा. कश्मीर मुद्दे को पाकिस्तान लंबे समय से अपनी विदेश और सुरक्षा नीति का केंद्र बनाकर चलता रहा है. ऐसे में PoK पर नियंत्रण समाप्त होने से पाकिस्तान को राजनीतिक, सैन्य और आंतरिक सुरक्षा को लेकर बड़ा झटका लगेगा. वहीं सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और आतंकवादी ढांचे पर भी असर पड़ सकता है.

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चीन के लिए क्यों होगा सबसे बड़ा झटका?


चीन के लिए पीओके का भारत में मिलना एक बुरे सपने जैसा होगा. गिलगित-बाल्टिस्तान से होकर गुजरने वाला आर्थिक गलियारा चीन के लिए बेहत महत्वपूर्ण है. चीन को अपनी निवेश रणनीति, परिवहन गलियारे और क्षेत्रीय हितों पर नए सिरे से विचार करना पड़ सकता है. यही कारण है कि PoK को सिर्फ भारत-पाकिस्तान विवाद नहीं, बल्कि व्यापक एशियाई भू-राजनीति से जुड़ा मुद्दा माना जाता है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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