Unifed Pension Scheme 2024: मोदी सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे दिया है। सरकार ने नई पेंशन योजना एकीकृत पेंशन योजना (UPS) का ऐलान कर दिया है। सरकार ने कहा है कि कर्मचारियों के पास पुरानी पेंशन स्कीम NPS (National Pension Scheme) और नई पेंशन स्कीम में से एक चुनने का विकल्प होगा। हालांकि केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना के कई फायदों को बताया है।
अगर आप भी इस नई पेंशन योजना के बारे में जानना चाहते हैं कि यह क्या है और इससे कैसे फायदा पहुंचेगा, तो चलिए हम आपको बताते हैं। साथ ही पुरानी स्कीम और इसमें क्या अंतर यह भी हम आपको बताएंगे।
क्या है Unified Pension Scheme
दरअसल यह सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई पेंशन स्कीम है। UPS के अंतर्गत एक तय पेंशन देने का प्रावधान है, जबकि New Pension Scheme (NPS) में ऐसा नहीं था। अगर आप 25 साल की नौकरी पूरी कर लेते हैं तो आखिरी 12 महीने की बेसिक सैलरी का 50 फीसदी पेंशन के रूप में मिलेगा। अगर 10 साल तक सर्विस करते हैं तो कम से कम 10 हजार रुपये पेंशन मिलना तय होगा।
ये भी पढ़ें: 10 साल बाद नौकरी छोड़ी तो मिलेंगे 10 हजार, 25 साल नौकरी तो 50% पेंशन, UPS की 10 बड़ी बातें
इसमें फिक्स्ड फैमिली पेंशन का प्रावधान भी है जो कि कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 60 फीसदी है। अगर कर्मचारी की मौत हो जाती है तो यह तुरंत मिलना शुरू होगा। नई पेंशन स्कीम में अगर आप 10 साल तक नौकरी कर लेते हैं तो कम से कम 10 हजार रुपये हर महीने पेंशन मिलना तय हो जाएगा। ग्रेच्युटी पर भी इसमें अलग प्रावधान है।
किसे मिलेगा फायदा
केंद्रीय कर्मचारियों के पास यह विकल्प होगा कि वह नई स्कीम UPS में जाना चाहते हैं या फिर पुरानी योजना NPS में ही रहना चाहते हैं। यह उन पर भी लागू होगा, जो 2004 के बाद रिटायर हुए हैं। हालांकि नई स्कीम 1 अप्रैल, 2025 से लागू होगी। इस दौरान 31 मार्च, 2025 तक जो भी कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं, उन्हें भी यूपीएस के ये पांचों लाभ मिलेंगे। एडजस्ट करने के बाद उन्हें एरियर भी मिलेगा।
कब से लागू होगी स्कीम
केंद्र सरकार की एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) 1 अप्रैल 2025 से लागू होगी। पेंशन योजना में सुधार के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पीएम मोदी ने अप्रैल 2023 में तत्कालीन वित्त सचिव टीवी सोमनाथन की अगुआई में एक समिति गठित की थी। संयुक्त परामर्श तंत्र (JCM) ने पूरा राय-मशविरा लेने के बाद इस योजना की सिफारिश की है। जिसे अब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। यह सरकारी कर्मचारियों के लिए नवीनतम योजना है। जिसमें एक सुनिश्चित पेंशन का प्रावधान होगा। जिसमें निश्चित पेंशन राशि का वायदा नहीं किया गया है।
NPS क्या है
नेशनल पेंशन स्कीम (National Pension Scheme) या न्यू पेंशन स्कीम (New Pension Scheme) मतलब NPS को यूपीए कार्यकाल में 2004 में लागू किया था। शुरुआत में यह सरकारी कर्मचारियों के लिए ही रिटायरमेंट प्लान था। मगर 2009 में इसके अन्य सेक्टर्स में लागू कर दिया गया। NPS को सरकार, पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथॉरिटी PFRDA चलाती है। यह रिटायरमेंट के लिए एक दीर्घकालीन निवेश कार्यक्रम है। यह कर्मचारी के लिए पेंशन सुनिश्चित करता है, जो कि निवेश से होने वाले लाभ पर निर्भर करता है। रिटायरमेंट के बाद सबस्क्राइबर के पास कुछ पैसा एक साथ निकालने और बाकी पैसों को हर महीने पेंशन के रूप में लेना का विकल्प होता है।
ये भी पढ़ें: Haryana Politics: कौन थे गया राम? जिनके ऊपर बना था ‘आया राम-गया राम’ का मुहावरा
संबंधित खबरें
LIVE: महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की आज रायपुर कोर्ट में पेशी
3 hrs agoमुरासु चक्रवात के चलते आज स्कूल-कॉलेज बंद, आंध्र में भी भारी बारिश का अलर्ट
4 hrs agoछात्रा पर हमला करने वाले सिरफिरे का एनकाउंटर, इलेक्ट्रिक आरी से काटा था गला
4 hrs agoवोटर लिस्ट फर्जीवाड़े पर EC का एक्शन, दोषी अफसरों को होगी जेल और जुर्माना
11 hrs agoCM योगी को मिली गुड न्यूज! नेशनल सर्वे में बने देश के नंबर-1 मुख्यमंत्री
11 hrs agoखतरे में J&K की अब्दुल्ला सरकार, NC के 25 विधायकों ने दिया अल्टीमेटम
12 hrs ago'लचकती कमर, टेढ़ी गर्दन...' श्रीकृष्ण पर बयान देकर बुरे फंसे बाबा बागेश्वर!
14 hrs agoमहादेव सट्टेबाजी ऐप के मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर को ओमान से वापस लाई CBI
15 hrs ago'मैदान का बड़ा हिस्सा खाली था...', विपक्ष की महारैली पर BJP का पलटवार
17 hrs agoINDIA गठबंधन की रैली में क्या बोले खड़गे, तेजस्वी और फारूक अब्दुल्ला?
17 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines