लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी समेत INDIA ब्लॉक के 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका तो दायर कर दी है, लेकिन इसमें 14 कमियां पाई गई हैं. इसलिए याचिका को सुनवाई के लिए लिस्टेड नहीं किया जा सका. सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने धारा 32 के तहत दायर याचिका में कमियां बताते हुए उन्हें पूरी करने की सलाह दी है. सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने दोनों चुनाव आयुक्तों को पार्टी बनाए जाने पर भी सवाल उठाया और पूछा कि याचिका में दोनों को पार्टी क्यों बनाया गया है? रजिस्ट्री ने बताया कि वकालतनामे पर सभी 11 नेताओं के हस्ताक्षर नहीं हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की कॉपी धुंधली है और कोर्ट फीस 220 रुपये कम जमा कराई गई है.
इन 11 नेताओं ने दायर की सुप्रीम कोर्ट याचिका
बता दें कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के साथ कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था. मार्च के बीच राहुल गांधी की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर 11 नेताओं की जॉइंट पिटीशन दायर की. याचिका में वोट चोरी, SIR और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के ऑनलाइन डेटाबेस पर भी सवाल उठाए गए हैं. मुख्य याचिकाकर्ता राहुल गांधी हैं और उनके अलावा याचिकाकर्ताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी यादव, माकपा नेता MA बेबी, TMC नेता सौगत राय, NCP-SP नेता सुप्रिया सुले, शिवसेना UBT नेता संजय राउत, IUML नेता टी बशीर शामिल हैं.
वकालतनामे पर 9 नेताओं के हस्ताक्षर नहीं मिले
सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री ने बताया कि याचिका सुनवाई के लिस्टेड नहीं हो सकी, क्योंकि इसके वकालतनामे पर 9 याचिकाकर्ताओं के साइन नहीं हैं. नंबर 3 से 11 तक के वकालतनामे नहीं हैं, क्योंकि उन पर संबंधित नेताओं के हस्ताक्षर नहीं हैं. इन नेताओं में अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव , डी. राजा, सौगत राय, संजय राउत, एम. ए. बेबी, महुआ माझी, सुप्रिया सुले, ई. टी. मोहम्मद बशीर शामिल है. किसी भी याचिका का सबसे जरूरी दस्तावेज वकालतनामा होता है, जिसके जरिए याचिकाकर्ता वकील को उसकी ओर से उसका मामला कोर्ट में पेश करने और उसकी तरफ से मामले की पैरवी करने का अधिकार देता है.
पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की कॉपी धुंधली
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के अनुसार, याचिका के साथ दी गई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की कॉपी धुंधली है, इसलिए साफ और देखने-पढ़ने योग्य कॉपी मांगी गई है. याचिका दाखिल करने के लिए जो फीस जमा कराई जाती है, उसमें भी 220 रुपये कम हैं. याचिका को जिस आधार पर दायर किया गया है, उससे संबंधित डॉक्यूमेंट भी क्लीयर नहीं हैं. भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के 24 जून 2025 के फैसले और SIR में वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम हटाए जाने संबंधी डॉक्यूमेंट की ऑनलाइन कॉपी पेन ड्राइव में मांगी है.